जीडीए की आपत्ति के बाद सड़क का काम रोक दिया गया।
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गोरखपुर में जब सड़क की खराबी के कारण लोग परेशान हो रहे थे तो कोई विभाग उसे ठीक कराने सामने नहीं आया। जब एक विभाग ठीक कराने लगा तो दूसरे विभाग ने यह कहते हुए काम रुकवा दिया कि मैं ठीक कराऊंगा। यह घटना घटी है शहर के हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग के साथ। फिराक चौराहा से रुस्तमपुर ढाला (हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग) तक बनने वाली यह सड़क खराब है। सोमवार रात नगर निगम ने सड़क का निर्माण शुरू कराया तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने आपत्ति जता दी। जीडीए का कहना है कि उसने इसका टेंडर उसने चार माह पहले ही दे रखा है। अब दोनों विभाग पहले इस विवाद को सुलझाएंगे उसके बाद कोई एक निर्माण कराएगा। जाहिर है कि अब इसमें समय लगेगा। तब तक इस सड़क से प्रतिदिन गुजरने वाले एक लाख से ज्यादा लोग परेशान होते रहेंगे।
दरअसल, नगर निगम ने करीब 975 मीटर दूरी में रुस्तमपुर ढाला से फिराक चौराहा तक की सड़क के निर्माण के लिए करीब 1.51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क के निर्माण के लिए 13 अगस्त को टेंडर जारी किया। जलभराव को देखते हुए कमिश्नर ने आंबेडकर चौराहे से लेकर रुस्तमपुर ढाले तक सीसी रोड बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद नगर निगम ने इसका टेंडर जारी किया। सोमवार रात जब सड़क का निर्माण शुरू हुआ तो जीडीए के ठेकेदार की आपत्ति के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया। वजह यह है कि जीडीए ने अंबेश्वरी अपार्टमेंट के सामने करीब 1.30 करोड़ रुपये की लागत से 2.35 मीटर की सड़क के निर्माण को मई महीने में ही स्वीकृति दे चुका है।
सड़क निर्माण की लागत पर उठ रहे सवाल
जीडीए ने अंबेश्वरी अपार्टमेंट के सामने टेलीफोन एक्सचेंज कॉलोनी के गेट से सहारा अपार्टमेंट की तरफ जाने वाली सड़क के मोड़ तक सड़क के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा आरसीसी नाले का निर्माण एवं हॉट मिक्स प्लांट से सड़क के निर्माण की स्वीकृति राहुल कंस्ट्रक्शन को दी है। जीडीए ने इस कार्य के लिए कुल एक करोड़ इक्कीस लाख उन्नीस हजार तीन सौ तैंतीस रुपये की स्वीकृति दी है। जबकि नगर निगम करीब एक किलोमीटर सड़क 1.51 करोड़ रुपये में बनवा रहा है। वहीं, जीडीए सिर्फ 235 मीटर सड़क और नाले के निर्माण पर 1.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। जानकार सड़क निर्माण की इस लागत पर भी सवाल उठा रहे हैं।