गोरखपुर जिले में हाल ही संदिग्ध हाल में मौत के मामलों में फोरेंसिक डॉक्टरों द्वारा किए गए कुछ पोस्टमार्टम का अब पुलिस ‘पोस्टमार्टम’ करेगी। दरअसल, कुछ ऐसे मामले जिनमें मौत की वजह ज्ञात थी, बावजूद इसके पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण सिर में चोट बता दिया है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की इस गड़बड़ी को पकड़ा है। उन्होंने इस वर्ष के ऐसे 15 मामलों की सूची तैयार की है, जिनमें मौत की वजह सिर में चोट ही लिखी गई है। यह लिखने वाले डॉक्टरों में तीन ऐसे हैं, जिनकी रिपोर्ट एक जैसी है। एसएसपी ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने को कहा है। यदि इसके पीछे डॉक्टरों की लापरवाही उजागर हुई तो पुलिस कानूनी कार्रवाई भी अमल में ला सकती है। इस पर कानूनी राय ली जा रही है।
दरअसल, जो मामले में पकड़ में आए हैं, उनमें जहर खाने से मौत हो या डूबने से सभी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजेह सिर में चोट बताई गई। ऐसा उन केसों में हुआ जिनमें शरीर पर चोट के निशान भी नहीं मिले थे। सिर में चोट के चलते मौत की रिपोर्ट मिलने पर मरने वाले के घरवाले हत्या का केस दर्ज करने की मांग करते हैं। अधिकतर में केस दर्ज भी हो जाता है। बाद में यही केस पुलिस के लिए सिरदर्द बन जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल इलाके में एक युवक की डूबने और गगहा में महिला की सामान्य मौत हुई थी। दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट अंकित की गईं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ रहे, एसएसपी की नजर जब इस पर पड़ी तो वह चौंक गए। एसएसपी डॉ. टाडा ने एमबीबीएस किया और फिर सिविल सर्विसेज में सेलेक्ट हुए थे। लिहाजा, उन्होंने एक चिकित्सक की नजर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखा।
अगले ही दिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर आए घरवालों ने चिलुआताल में हत्या का केस दर्ज कराने की मांग कर दी। उनका कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ है कि हत्या की गई है। एसएसपी ने जब थानेदार से बात की तो पता चला कि शव की फोटो ली गई थी। शरीर पर न तो चोट का निशान था न खाल ही कहीं कटी थी। बिना चोट के सिर के अंदर घाव की बात एसएसपी को खटक गई। उन्होंने इस तरह के मामलों की पड़ताल शुरू की तो ऐसे कई मामले सामने आ गए। पिछले साल के करीब 30 से 40 मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक जैसी है। इस साल 15 मामले सामने आने के बाद एसएसपी ने डीएम से पत्राचार किया है।
पहले भी उठ चुके हैं पोस्टमार्टम पर सवाल
केस एक
सिकरीगंज में एक युवक ने ससुराल में जहर खा लिया था। पत्नी की सूचना पर गई पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया और बाद में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर में चोट लिखी है।
केस दो
चिलुआताल इलाके में एक युवक की पानी में डूूबने से मौत हो गई थी। पंचनामे के दौरान शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के अंदर घाव को मौत की वजह बताया गया।
इससे पहले भी पोस्टमार्टम पर सवाल उठ चुके हैं। एसएसपी रहे जोगेंद्र कुमार ने भी पोस्टमार्टम को लेकर सवाल उठाया था और तब सीएमओ को पत्र लिखा गया था। उनके जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
डॉक्टर होने की वजह से एसएसपी समझ रहे बारीकी
सवाल तो कई बार उठे, लेकिन तकनीकी जानकारी न होने की वजह से पुलिस अफसर खामोश हो जाते हैं। इस बार एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मामला पकड़ा है, जो आईपीएस बनने से पहले डॉक्टर रह चुके हैं। पोस्टमार्टम को वह बारीकी से समझते हैं, क्योंकि यह उनका विषय रहा है। इस वजह से हर पोस्टमार्टम को खुद पढ़ते हैं।
वीडियोग्राफी से बचेंगे बेगुनाह
एसएसपी को इस तरह का एक केस पकड़ में आने के बाद सभी बड़े मामलों की वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया है, ताकि उसे देखकर वह खुद भी कुछ समझ सकें।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि कई मामलों में एक ही तरह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है। पिछले साल के 30 से 40 और इस साल के 15 मामलों में एक ही रिपोर्ट सामने आई है। डीएम को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इसमें कानूनी कार्रवाई की जाएगी।