गोरखपुर शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रमिकों के पंजीकरण के लिए शिविर लगाकर अधिक से अधिक पंजीकरण कराए जाएं। एक दिन में कम से कम तीन गांवों में पंजीकरण शिविर अवश्य आयोजित हों। साथ ही इसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
यह निर्देश सोमवार को मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी ने मंडलायुक्त सभागार में आयोजित श्रम विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कुशीनगर एवं देवरिया में पंजीकरण का प्रतिशत कम पाए जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि यहां अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार उन्हें शासकीय सुविधाओं से लाभान्वित कराएं।
बैठक में उपश्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि गोरखपुर में 2,44000, महराजगंज 1,50000, देवरिया में 1,12000 एवं कुशीनगर 1,24000 श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है। मंडलायुक्त ने बाल श्रम उन्मूलन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम अपराध है। इस पर नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिले। किसी भी पंजीकृत श्रमिक का कोई भी क्लेम लंबित नहीं होना चाहिए। यदि निस्तारण में कोई कठिनाई आ रही है तो उसका विस्तृत उल्लेख होना चाहिए।
ग्राम प्रधानों से किया संवाद
बैठक में मंडलायुक्त ने 15 ग्राम प्रधानों से संवाद स्थापित किया और श्रमिकों के कल्याणार्थ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराकर उन्हें शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में प्रधान का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
ग्राम प्रधान शासकीय योजनाओं के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए ग्रामीणों को उससे लाभान्वित कराएं और अपने दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ करते हुए गांव को विकसित करें। बैठक में सहायक श्रमायुक्त कृष्णकांत यादव, स्कंद कुमार, विजय प्रताप यादव सहायक श्रम आयुक्त कुशीनगर, राधेश्याम गुप्ता, एसएन सिंह, इंदु भूषण, संतोष कुमार, विकास श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।