सर्दी के मौसम में बेघर लोगों को छत उपलब्ध कराने की तैयारियां जिला प्रशासन ने शुरू कर दी हैं। डीएम विजय किरन आनंद ने नगर आयुक्त, नगर निकायों के प्राधिकारी और एसडीएम को पत्र लिख कर स्थायी रैन बसेरों, अलाव के लिए चिह्नित स्थानों की आकलन रिपोर्ट तलब की है। शीत लहर से निपटने के लिए उपलब्ध सुविधाओं की 15 बिंदुओं की आख्या इन अधिकारियों को 15 नवंबर तक डीएम को भेजनी है।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि सर्दी के मौसम में निराश्रित, असहाय, कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को शीतलहर से राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। पहले से चिह्नित अलाव स्थलों के अलावा जरूरत के नए स्थलों का चयन कर सत्यापन कराया जा रहा है। अलाव जलाने के लिए कर्मियों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। स्थायी रैन बसेरों में सभी आधारभूत सुविधाएं हैं या नहीं, इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को रैन बसेरों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। कमियां मिलने पर उन्हें एक सप्ताह के भीतर दूर कराने का निर्देश दिया।
इन बिन्दुओं पर उपलब्ध करानी होगी सूचना
अधिकारियों को 15 नवंबर तक रैन बसेरों की साफ-सफाई, स्वच्छ गद्दा, तकिया, कंबल आदि की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, गीजर, ब्लोवर, समर्सिबल, शौचालय, स्नानागार, कोविड हेल्प डेस्क, भोजन आदि की व्यवस्था के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही रैन बसेरे के संचालक का पूर्ण विवरण, बेड की क्षमता, शिफ्टवार देखरेख करने वालों का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर का विवरण भी देना होगा। सक्षम अधिकारी की ओर से भौतिक सत्यापन कराकर रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी।