जानकारी के मुताबिक, माफिया के नेटवर्क को खंगालने में पुलिस जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। वह पूछताछ से एक-एक माफिया के खिलाफ सबूत एकत्र कर रही है। अफसरों का मानना है कि अगर, जल्दबाजी में किसी को जेल भेज दिया जाएगा तो पूरा नेटवर्क सामने नहीं आ पाएगा। माफिया अजीत शाही के बैंकों से जुड़े धंधे को भी पुलिस खंगाल रही है। उसके मददगार और शरणदाता भी पुलिस के निशाने पर आ गए हैं।
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जांच में पता चला है कि माफिया की पैठ जनप्रतिनिधियों और पुलिस में भी है। एक माफिया के घर मांगलिक कार्यक्रम में पहुंचे लोगों की सूची के आधार पर पुलिस जानकारी जुटा रही है कि कौन किस वजह से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए या था। खबर है कि सभी माफिया के गतिविधियों की पूरी जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ को दी गई है। इसके बाद ही पुलिस एक-एक कदम आगे को बढ़ा रही है। इतना तय है कि पुलिस ने जांच को तेजी से आगे बढ़ाया तो कई माननीयों की गर्दन भी फंसेगी।