गीडा में पेप्सिको और ज्ञान डेयरी शुरू होने पर करीब साढ़े सात लाख लीटर दूध की प्रतिदिन खपत होगी। अभी गोरखपुर जिले में करीब 50 हजार लीटर दूध ही उपलब्ध है। शेष दूध की आपूर्ति अगल-बगल के जिलों से की जाएगी। इसके लिए कंपनियों ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेज दूध की खरीद सरकारी एजेंसियों से करेगी। ऐसा होने पर सहकारी दुग्ध विकास समिति लिमिटेड की उपयोगिता बढ़ जाएगी। वहीं ज्ञान डेयरी गोरखपुर-बस्ती मंडल के अलावा जौनपुर और अंबेडकरनगर जिले से भी दूध की खरीद करेगी।
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बैकुंठपुर सुभाष यादव ने कहा कि फैक्टरियाें के चलने से दूध की खपत बढ़ने की बात हो रही है, लेकिन अभी रेट, संचय केंद्र आदि की जानकारी नहीं मिली है। अगर नियमित नजदीक में दूध कलेक्शन सेंटर खुलेगा तो हमारे अलावा अन्य छोटे-छोटे दूधिए जो घूम-घूमकर दूध बेचते हैं, उनका भी फायदा होगा।
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दूध बिकेगा तो पशु भी बढ़ाएंगे
बेलावा खुर्द पन्नेलाल यादव ने कहा कि अभी दूध की खपत कम है, इसलिए पशुपालकों को मुनाफा नहीं मिलता। अगर फैक्टरियों में दूध की खपत होने लगेगी तो पशुपालक भी पशुओं की संख्या बढ़ाएंगे। लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि हर इलाके में एक दूध संग्रह केंद्र खोला जाए, जिससे कि आसानी से वहां दूध बेचा जा सके।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जीके सिंह ने कहा कि गीडा में दो फैक्टरियों के संचालन से दूध की खपत बढ़ेगी। इसका फायदा स्थानीय पशुपालकों को मिलेगा। पशुपालकों के लिए कई ऐसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिसमें अनुदान की व्यवस्था है। पशुपालक अभी से डेयरी पर ध्यान दें तो आने वाले समय में इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे।