दिवाली के लिए बाजार सज चुके हैं। बाजार ग्राहकों से गुलजार हैं। गोलघर, घंटाघर, असुरन, रुस्तमपुर, गोरखनाथ, आर्यनगर सहित सभी बाजारों में दिवाली के सामानों की रौनक देखने को मिल रही है। भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, सरस्वती और कुबेर की विभिन्न प्रकार की मूर्तियां दुकानों में सबसे आगे सुशोभित हैं। धनतेरस से मूर्तियों की खरीदारी का सिलसिला शुरू होगा जो दिवाली के दिन तक चलेगा।
दुकानदार आदित्य जायसवाल ने बताया कि कोलकाता से भगवान की मूर्तियां महीनों पहले ही मंगा लेते हैं ताकि सही समय पर मूर्तियां बाजार में लगा सकें। बताया कि कोलकाता की मूर्तियों की खासियत है कि ये मिट्टी की बनी होती हैं जो पर्यावरण के लिए सही हैं। बताया कि बाजार में 300 रुपये से 2500 रुपये तक की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बाजार में मौजूद हैं।
घंटाघर के दुकानदार विनोद पटवा ने बताया कि बाजार में कोलकाता के अलावा वाराणसी, चुनार और लखनऊ की लक्ष्मी और गणेश मूर्तियां बाजार में मौजूद हैं। बताया कि बनारस की मूर्तियों की विशेषता है कि ये तार और मिट्टी की बनी होती है और इस पर सिंदूर का रंग लगा होता है। चुनार और लखनऊ की मूर्तियां प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी होती हैं। ये मूर्तियां 50 रुपये से शुरू होकर एक हजार रुपये तक की होती हैं।