गोरखपुर शहर से सटे इलाकों में लोगों ने पहले समझा कि जीडीए की योजनाओं की वजह से रोक लगी है। बाद में पता लगा कि खतौनी ऑनलाइन किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की वजह से समस्या आ रही है। इसलिए किसान परेशान हैं। बहरामपुर के किसान रामजी यादव, वीरेंद्र यादव, रणजीत बहादुर और भैंसहा के शेषमणि गुप्ता ने बताया कि पहले मोबाइल से खतौनी निकल जाती थी। लेकिन अब समस्या आ रही है। ऐसे में धान की उपज बेचने में मुश्किल आएगी।
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मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौंड ने कहा कि खतौनियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसलिए 74 ग्रामों की खतौनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गेहूं की फसल के लिए जो खतौनी प्रयोग में लाई गई थी, किसान उसके अनुसार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यदि कोई समस्या आएगी तो उसका समाधान कराया जाएगा।