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ऑनलाइन खतौनी: गोरखपुर में 74 गांवों के किसान परेशान..नहीं बेच पा रहे धान

Thu, 09 Nov 2023 03:19 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौंड ने कहा कि खतौनियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसलिए 74 ग्रामों की खतौनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गेहूं की फसल के लिए जो खतौनी प्रयोग में लाई गई थी, किसान उसके अनुसार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
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सदर तहसील में खतौनी के लिए लाइन में खड़े लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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रियल टाइम खतौनी का काम जोरों पर है। जिले की ग्राम पंचायतों की खतौनियां ऑनलाइन अपलोड कराई जा रही हैं। इस वजह से 74 गांवों की नई खतौनियां नहीं निकल पा रही हैं। इससे क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि सहकारी समिति के सचिव मदद में असमर्थता जता रहे हैं। मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि पिछले फसली वर्ष से धान की बिक्री की जा सकती है। यदि कोई समस्या आएगी तो उसका समाधान कराया जाएगा।

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जिले में रीयल टाइम खतौनी जारी करने के लिए गांवों की खतौनी को ऑनलाइन किया जा रहा है। कुल 2449 गांवों में काम किया जाएगा। इसमें 2375 गांवों में करीब-करीब काम पूरा हो चुका है। 74 गांवों में खतौनी ऑनलाइन करने की प्रकिया जारी है। इसमें सदर तहसील क्षेत्र के जंगल बेनीमाधव, टिकरियां, भैंसहा, बहरामपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं।

इन गांवों की खतौनी निकालने पर रोक लगा दी गई है। फसल कटने के बाद उपज बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। इसके लिए खतौनी की जरूरत है ताकि फसली वर्ष का प्रति हेक्टेयर उत्पादन तय हो सके। रोक लगने की वजह से इन गांवों के किसान खतौनी नहीं निकाल पा रहे हैं।
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गोरखपुर शहर से सटे इलाकों में लोगों ने पहले समझा कि जीडीए की योजनाओं की वजह से रोक लगी है। बाद में पता लगा कि खतौनी ऑनलाइन किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की वजह से समस्या आ रही है। इसलिए किसान परेशान हैं। बहरामपुर के किसान रामजी यादव, वीरेंद्र यादव, रणजीत बहादुर और भैंसहा के शेषमणि गुप्ता ने बताया कि पहले मोबाइल से खतौनी निकल जाती थी। लेकिन अब समस्या आ रही है। ऐसे में धान की उपज बेचने में मुश्किल आएगी।

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मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौंड ने कहा कि खतौनियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसलिए 74 ग्रामों की खतौनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गेहूं की फसल के लिए जो खतौनी प्रयोग में लाई गई थी, किसान उसके अनुसार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यदि कोई समस्या आएगी तो उसका समाधान कराया जाएगा।
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