अमेरिका में किया ‘सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप’ का गठन
समाजसेवी मंजीत श्रीवास्तव ने बताया कि क्रिया योग को ईश्वर से साक्षात्कार का प्रभावी तरीका मानने वाले योगानंद ने भारतीय योग दर्शन के प्रसार के लिए अमेरिका में ‘सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप’ का गठन किया और बाद में हिंदुस्तान में योगदा सत्संग सोसाइटी बनाई। ऑटोबायोग्राफी ऑफ योगी (हिंदी में योगी कथामृत) उनकी सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली किताब है, जिसका अनुवाद कई भाषाओं में हुआ।
1920 में सर्वधर्म सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए योगानंद अमेरिका चले गए और वहां से पूरी दुनिया में क्रिया योग का प्रचार-प्रसार किया। सात मार्च 1952 को अमेरिका में ही भारतीय राजदूत विनय रंजन सेन के सम्मान में आयोजित भोज में भारत देश का गुणगान करते हुए उनका देहावसान हो गया।
क्या है क्रिया योग
संस्कृत के शब्द क्रिया का मतलब करना है। इसलिए क्रिया योग का मतलब है कि वे प्रणालियां जिनके द्वारा सेहत, आध्यात्मिक विकास, या एकता-चेतना का अनुभव हो। पतंजलि के 2000 साल पुराने योग सूत्र में लिखा है कि क्रिया योग का मतलब है मन और इंद्रियों को वश में रखना, स्वयं विश्लेषण, स्वाध्याय, ध्यान का अभ्यास और अहंकार की भावना का ईश्वर प्राप्ति के लिए त्याग।