ई-मेल या मैसेज भेजकर कर सकते हैं मुलाकात
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी मुलाकात के लिए ई-मेल आईडी या व्हाट्सएप नंबर पर संदेश भेज सकते हैं। उन्होंने संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों और शिक्षकों से पूरी जानकारी साझा की है। हर महीने विभागाध्यक्षों के साथ बैठक का भरोसा दिलाया है। कुलपति ने 15 जनवरी के बाद हर सप्ताह तीन से चार विभागों के निरीक्षण की बात भी कही है।
26 जनवरी से पहले प्रमोशन, पीएचडी इंक्रीमेंट पर निर्णय
एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की बैठक में प्रमोशन, आवास आवंटन, पीएचडी इंक्रीमेंट, मेडिक्लेम इंश्योरेंस सरीखे मुद्दों पर चर्चा हुई। कुलपति ने कहा कि 26 जनवरी से पहले इन समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। एसोसिएट प्रोफेसर के प्रमोशन और पीएचडी इंक्रीमेंट के मुद्दे पर तीन संकायाध्यक्ष, कुलसचिव, वित्त अधिकारी की समिति बनाई जाएगी। समिति दो सप्ताह में रिपोर्ट कुलपति को देगी। एसोसिएट प्रोफेसर के प्रमोशन के लिए एकेडमिक परफारमेंस इंडेक्स (एपीआई) की गणना कराकर, एक्सपर्ट पैनल लेने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। अप्रैल 2018 में नियुक्ति हासिल करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रमोशन फार्म भरवाने की प्रक्रिया भी जल्द प्रारंभ होगी। आवास आवंटन की प्रक्रिया 26 जनवरी तक पूरी होगी।
बुलावे पर भी नहीं आए प्रो कमलेश गुप्त
कुलपति प्रो राजेश सिंह ने पहल करते हुए हिंदी विभाग के निलंबित प्रो कमलेश कुमार गुप्त, हिंदी के विभागाध्यक्ष प्रो दीपक त्यागी, पूर्व अध्यक्ष प्रो अनिल राय को आमंत्रित किया था। विभागाध्यक्ष प्रो दीपक त्यागी ने फोन से प्रो कमलेश कुमार गुप्त को सूचना भी दी थी, मगर वे नहीं आए। बता दें कि प्रो गुप्ता अपनी बात को विश्वविद्यालय के अधिकारियों के समक्ष रखने की बजाय सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। उन्हें 24 नोटिस के बाद निलंबित किया गया है। बताया जाता है कि प्रो गुप्त ने कभी किसी प्रकार की समस्या के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों से समय नहीं मांगा है।
जितने पाठ्यक्रम की पढ़ाई, उतने से पूछे जाएंगे सवाल
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्री पीएचडी वर्ष 2019-20 के अभ्यर्थियों से उतने ही सवाल पूछे जाएंगे, जितना कोर्स पढ़ाया गया है। रिसर्च मैथडलॉजी और कंप्यूटर एप्लीकेशन के सिलेबस की पढ़ाई कराई गई है। इस पर बुधवार को कुलसचिव कार्यालय से नोटिफिकेशन भी जारी होगा।