गोरखपुर जिले के गांवों में 13,196 ऐसी गलियां हैं, जो अब भी कच्ची हैं। इनकी लंबाई 1563 किलोमीटर है। सर्वे कर इन सभी गलियों को चिह्नित किया गया है। पंचायतीराज विभाग अभियान चलाकर इन सभी गलियों को खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, सीसी या पिच करेगा। इसपर 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह धनराशि 15वें राज्य वित्त से खर्च की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मनरेगा के तहत भी कुछ सड़कें बनाई जा सकती हैं।
पंचायतीराज विभाग का कहना है कि इस काम से गांवों में बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। विभाग के मुताबिक कई गांवों में गलियों को पक्का करने का काम शुरू हो चुका है। दरअसल डीएम विजय किरन आनंद की समीक्षा में बड़ी संख्या में गांवों में कच्ची गलियों की बात सामने आई थी। डीएम ने डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर को सभी गांवों में कच्ची गलियों एवं सड़कों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। सर्वे में कच्ची गलियों की वास्तविक संख्या सामने आईं, जिसपर डीएम ने अभियान चलाकर सभी गलियों को पक्का करने को कहा। पंचायतीराज विभाग ने 15वें वित्त से सड़कों एवं गलियों को पक्का करने का काम भी शुरू करा दिया है।
कैंपियरगंज में सर्वाधिक 200 किमी की 1103 कच्ची गलियां
पंचायतीराज विभाग के मुताबिक सर्वे में सबसे अधिक 1103 कच्ची गलियां कैंपियरगंज ब्लॉक में मिली हैं। इनकी लंबाई 200 किमी है। बेलघाट में गलियों की संख्या 1165 है लेकिन लंबाई करीब 138 किमी ही है।
इसी तरह चरगांवा में 53 किमी की 369, ब्रह्मपुर में 47.5 किमी की 439, सरदारनगर में 48 किमी की 266, जंगल कौड़िया में 78 किमी की 540, पाली में 79 किमी की 1268 गलियां, खजनी में 113 किमी की 934 गलियां, बांसगांव में 40 किमी की 526 गलियां, कौड़ीराम में 112 किमी की 774 गलियां, पिपराइच में 106 किमी की 1077, भटहट में 88 किमी की 741, उरुवां में 92 किमी की 450, गोला में 16 किमी की 588, बड़हलगंज में 112 किमी की 803, पिपरौली में 78 किमी की 570, खोराबार में 16 किमी की 163, गगहा में 43 किमी की 598, सहजनवां में 38 किमी की 334 एवं भरोहिया में 62 किमी की 488 गलियां कच्ची हैं।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि जिले की 13 हजार से ज्यादा कच्ची गलियों को पक्की करने का काम शुरू कर दिया गया है। अभियान चलाकर यह काम किया जा रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर गांवों में रोजगार भी मिल रहा है।