आरपीएफ कर्मियों के सवालों का आईजी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने जवाब दिया।
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गोरखपुर जिले में आईजी आरपीएफ अतुल कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को कुलियों से सवाल किया कि क्या हमारे जवान सामान एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर भेजते हैं तो आपको रुपये देते हैं, बेगारी तो नहीं कराते ? इस सवाल पर कुलियों ने कहा कि कभी ऐसा नहीं हुआ। रुपये और और सम्मान दोनों ही मिलता है।
आरपीएफ के स्थापना दिवस पर आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर में 'अपेक्षा' कार्यक्रम का आयोजन हुआ। संवाद कार्यक्रम में कुलियों, वेंडरों, समाजसेवियों से बारी-बारी संवाद किया गया। मंच पर बैठे कुलियों के नेता शहाबुद्दीन ने कहा कि सुरक्षा को लेकर दिक्कत है। करोड़ों की मशीनें खराब पड़ी हैं, इसे ठीक कराया जाए। यात्री बिना जांच के ही अंदर चले आते हैं।
इसी बीच एक शख्स ने शहाबुद्दीन से सवाल किया कि एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर सामान ले जाने का कोई शुल्क निर्धारित नहीं है। इस पर शहाबुद्दीन ने कहा कि हमारा रेट तो निर्धारित किया गया है। वह 80 रुपये है। कभी-कभी ट्रेन लेट होती है तो उसका चार्ज अलग से जोड़ लेते हैं। ट्रेन अगर समय से आती है, इसके बाद भी कुली अधिक रुपये मांगते हैं तो उसकी शिकायत आरपीएफ से कर दें।
ऑटो चालक राजू ने कहा कि प्री-प्रेड की व्यवस्था फिर से बहाल होनी चाहिए, ताकि बाहर के ऑटो स्टेशन परिसर में न आएं और कोई ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना रुपये न ले सके। समाजसेवी आशीष रंजन ने स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी के बीच आपसी सामंजस्य न होने की बात कही। इस पर आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेश सिन्हा ने कहा कि इस तरह की घटनाएं काफी हद तक कम हो गई हैं। आईजी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस संबंध में जीआरपी से भी बात की जाएगी।