अब जल्द ही भारत-नेपाल सीमा के आनंदनगर-नौतनवां रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें दौड़ेंगी। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार भी 110 किमी प्रति घंटे होगी। वहीं गोरखपुर में इंजन बदले का झंझट भी खत्म हो जाएगा। इस रूट पर विद्युतीकरण कार्य को मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने हरी झंडी दे दी है।
रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने तीन दिन पहले ही इस रूट का निरीक्षण किया था। इसके पहले गोरखपुर से आनंदनगर तक विद्युतीकरण को सीआरएस की मंजूरी मिल चुकी है। विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने और इस पर विद्युत ट्रेन का संचालन होने के बाद गोरखपुर से नौतनवां के बीच कहीं भी इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी। अभी जो ट्रेनें जाती हैं, उनका इंजन गोरखपुर में बदलना पड़ता है।
ऑटोमोबाइल्स की ढुलाई का हब बन रहा है नौतनवां
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के लिए नौतनवां इस समय महत्वपूर्ण स्टेशन है। नेपाल से सटे होने के कारण यह स्टेशन ऑटोमोबाइल्स की ढुलाई का हब बन रहा है। मालगाड़ी की 10 रैक से अब तक एक हजार से ज्यादा फोर व्हीलर वाहन (कार, पिकअप, आटो) उतर चुके हैं। यहां से इन्हें नेपाल भेजा जाता है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर-नौतनवां रूट पर विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस ने इलेक्ट्रिक इंजन चलाने की अनुमति दे दी है। अब नौतनवां तक सीधे ट्रेन व मालगाड़ियां इलेक्ट्रिक इंजन से जाएंगी। इससे गोरखपुर में डीजल इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।