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निषाद पार्टी का छठा स्थापना दिवस: राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय ने कहा, 'समानता का अधिकार मिलने तक चलती रहेगी लड़ाई'

Mon, 16 Aug 2021 07:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

डॉ संजय ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा ने केवल निषाद जाति को वोट बैंक ही समझा है। वोट के लिए कभी पिछड़ी तो कभी अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल किया जाता रहा है लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं मिला।
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निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने पार्टी के छठवें स्थापना दिवस पर कहा कि मछुआ समाज को अनुसूचित जाति का आरक्षण दिलाने तक ही नहीं बल्कि दलित समाज को समानता का अधिकार मिलने तक संघर्ष चलता रहेगा। कांग्रेस, सपा और बसपा ने केवल निषाद जाति को वोट बैंक ही समझा है। वोट के लिए कभी पिछड़ी तो कभी अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल किया जाता रहा है लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं मिला।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष सोमवार को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल 'निषाद पार्टी' के छठवें स्थापना दिवस के अवसर पर पादरी बाजार स्थित रजवाड़ा लॉन में 'स्थापना दिवस पखवाड़ा' का शुभारंभ कर रहे थे। डॉ. संजय निषाद ने कहा कि आजादी के बाद भी मछुआ समाज बेरोजगारी एवं शिक्षा के अधिकार से वंचित है। देश और प्रदेश में राज भोगने वाली कांग्रेस-सपा-बसपा समेत तमाम पार्टियों ने मछुआ समाज को केवल वोट बैंक समझा और चुनाव के बाद इनका अधिकारों को छीनने का काम किया। जब तक मछुआ समाज को आरक्षण नहीं मिल जाता तब तक हम लोग चैन से बैठने वाले नहीं हैं। लोग यह न समझे कि हम सिर्फ आरक्षण कि ही लड़ाई लड़ रहे हैं। हम तब तक लड़ेंगे जब तक हमारे समाज के आखिरी व्यक्ति तक समानता के सभी अधिकार न पहुंचे।

खून से लिखा पत्र
कार्यक्रम के अंत में डॉ. संजय निषाद, संतकबीरनगर से भाजपा सांसद इंजीनियर प्रवीण निषाद, प्रदेश प्रभारी सरवन निषाद व अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र खून से लिखकर आरक्षण की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने आरक्षण का वादा किया है। अब इसे निभाने की बारी है। इसीलिए खून से पत्र लिखकर भेजा जा रहा है।
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