गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्रि से विजयादशमी तक प्रतिदिन सुबह चार और शाम चार बजे से छह बजे तक मां दुर्गा मंदिर के गर्भगृह में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। नवमी को सुबह 11 बजे कुमारी कन्या पूजन व कन्या भोज गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ करेंगे।
विजयदशमी का पर्व गोरखनाथ मंदिर में चार अक्तूबर को गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मनाया जाएगा। यानी नवमी और दशहरा एक ही दिन मनेगा। इसी दिन चारअक्तूबर को ही शोभा यात्रा भी निकालेगी जाएगी। कार्यक्रम की पूरी जानकरी मंदिर के मुख्य पुजारी योगी कमलनाथ ने दी।
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उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्रि शुभारंभ पर 26 सितंबर को शाम पांच बजे गोरखनाथ मंदिर में मां दुर्गा मंदिर के गर्भगृह में कलश स्थापित किया जाएगा। इसके पहले दुर्गा मंदिर से शोभा यात्रा निकाली जाएगी। शारदीय नवरात्रि से विजयादशमी तक प्रतिदिन सुबह चार और शाम चार बजे से छह बजे तक मां दुर्गा मंदिर के गर्भगृह में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर के पुजारी ने बताया कि दो अक्तूबर को निशा-पूजन और हवन होगा। तीन अक्तूबर को महाअष्टमी पूजा और चार अक्तूबर को महानवमी अनुष्ठान होगा। विजयादशमी पर चार अक्टूबर को ही सुबह 8:21 बजे से श्रीनाथजी का विशिष्ट पूजन व देव विग्रह का पूजन, सुबह 11 बजे कुमारी कन्या पूजन व कन्या भोज गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ करेंगे।
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दोपहर एक बजे से तीन बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव कार्यक्रम, गोरखनाथ मंदिर के तिलक हाल में आयोजित होगा। शाम चार बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर की भव्य शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर से प्रस्थान कर मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहां वह देव विग्रहों की पूजन व अभिषेक करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा रामलीला मैदान, अंधियारी बाग के लिए प्रस्थान करेगी।
वहां मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दरबार में पूजन और राजतिलक संपन्न होगा। रामलीला मैदान से शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी और शाम सात बजे से दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने परिसर में प्रसाद का वितरण व अतिथि भोज होगा।