केस एक
5 जनवरी 2016: शाहपुर इलाके के अशोक नगर में अर्चना यादव ने प्रेमी फिरोजाबाद निवासी शिक्षक अजय यादव के साथ मिलकर पति नेत्र चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश यादव की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी थी। इस दौरान उसका पांच साल का बेटा नितिन उठ गया और रोते हुए मां की गोद में आ गया था। प्रेमी को बच्चे पर दया आ गई वह अर्चना को बोला कि इसे रहने दो। लेकिन, अर्जना ने खुद ही उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी।
केस दो
22 अप्रैल 2017: कैंट इलाके के कूड़ाघाट विशुनपुरवा निवासी सुषमा सिंह ने प्रेमी डब्लू सिंह के साथ मिलकर पति 35 वर्षीय विवेक प्रताप सिंह की हत्या कर दी थी। सुषमा सिंह का अपने मायके के कामेश्वर सिंह उर्फ डब्लू सिंह से शादी से पहले करीब 12 साल तक प्रेम संबंध रहा। परिजनों की गैर मौजूदगी में डब्लू सुषमा के घर भी आता था। इसकी जानकारी विवेक को भी हो गई थी और उसने पत्नी पर कड़ा पहरा लगा दिया था।
केस तीन
4 मार्च 2018: सिद्धार्थनगर जिले के गुजरवलिया गांव की रहने वाली महिला रुंधा ने प्रेमी के साथ रहने के लिए पति विजय सिंह और देवर दिनेश की हत्या करा दी थी। वारदात के बाद पहचान छुपाने के लिए प्रेमी और उसके साथियों ने दोनों का शव पेट्रोल से जलाकर सहजनवां क्षेत्र में हाईवे किनारे फेंक दिया था। सहजनवां पुलिस ने शव की शिनाख्त कर घटना में शामिल रूंधा उसके प्रेमी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया था।
केस चार
3 अप्रैल 2018: चिलुआताल के जंगल नकहा नंबर दो कोइलहिया निवासी हार्डवेयर व्यापारी विनोद की हत्या उसकी पत्नी आशा ने प्रेमी अनूप मोदनवाल के साथ मिलकर कर दी थी। शादी के बाद विनोद ने पत्नी आशा को पढ़ाया, उसे सरकारी शिक्षक बनवाया। आशा का पिपराइच के आलू व्यापारी अनूप मोदनवाल से स्कूल आते-जाते प्रेम हो गया था। प्रेमी ने उसके आने जाने के लिए ऑटो बुक करा दिया। आशा ने प्रेमी और ऑटो चालक की मदद से हत्या की थी।