गोरखपुर स्टेशन पर इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग के लिए बन रहा नया भवन
- फोटो : अमर उजाला।
ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से चलाने और फटाफट लाइन क्लीयर करने के लिए अब रेलवे ने नई तकनीक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली को अपनाया है। गोरखपुर कैंट और नकहा जंगल स्टेशन के बाद गोरखपुर जंक्शन पर इस तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी है। ईआई प्रणाली से स्टेशन मास्टर को अब ट्रेनों को रवाना करने के लिए रूट तैयार नहीं करना पड़ेगा। बस एक क्लिक में ही ऑटोमेटिक ट्रेनों के लिए लाइन क्लीयर हो जाएगी।
ट्रेनों के संचालन के लिए सबसे अहम सिग्नल सिस्टम में भी बदलाव किया जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर पहले इसके लिए पैनल इंटरलाॅकिंग (पीआई) का सिस्टम था। इसके बाद बड़े स्टेशनों पर आरआरई (रूट रीले इंटरलाॅकिंग) सिस्टम लागू किया गया। अब इससे भी एडवांस सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाॅकिंग होने जा रही है। इसके तहत स्टेशन पर कार्यशील पैनल इंटरलॉकिंग को डिजिटल इंटरलॉकिंग में बदला जा रहा है।
गोरखपुर कैंट एवं नकहा जंगल स्टेशनों पर यार्ड रिमाॅडलिंग के दौरान बदलाव हो गया है। जबकि, गोरखपुर जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर नौ के सामने इसके लिए नया भवन बनवाया जा रहा है। भवन जल्द बनकर तैयार हो जाएगा।
इसे भी पढ़ें: जीआरडी से बनी बात....कैंट स्टेशन पर एक और प्रवेश द्वार को मंजूरी