गोमती रिवर फ्रंट की ही तरह कुशीनगर की कुकुत्था नदी भी विकसित की जाएगी। इसे लेकर डीपीआर तैयार हो गई है। इसके विकास की जिम्मेदारी शासन ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को सौंपी है। कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के साथ ही पर्यटन सुविधाओं को लेकर कोशिशें तेज हो गईं हैं। शासन की तरफ से कुशीनगर में चार परियोजनाओं के लिए 17 करोड़ की मंजूरी दे दी गई है। पहली किस्त के तौर पर जीडीए को पांच करोड़ रुपये भी मिल गए हैं।
वर्तमान में कुशीनगर प्रशासन, कुकुत्था नदी की सफाई का काम करा भी रहा है। इसे गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार की गई है और अब इस काम की जिम्मेदारी गोरखपुर विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है। जो डीपीआर तैयार की गई है, उसके मुताबिक नदी की सफाई के बाद किनारे पर खूबसूरत हरे भरे पार्क विकसित किये जाएंगे। टहलने के लिए पाथवे बनाया जाएगा। बैठने के लिए खूबसूरत बेंच लगेंगे। जगह जगह छोटे-छोटे शेड भी होंगे। नहाने, पूजा-पाठ के लिए घाट बनेगा। पीने के पानी का इंतजाम होगा। सार्वजनिक शौचालय भी बनेंगे। इसके तहत यहां घाट बनाए जाएंगे, पाथवे होगा। नदी किनारे खूबसूरत पार्क भी दिखेंगे, जो स्थानीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। इसी क्रम में विपश्यना साधना केंद्र को विकसित किया जाएगा। जहां बौद्ध भिक्षु साधना कर सकेंगे।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि कुशीनगर की चार परियोजनाएं पूरी करने की जिम्मेदारी जीडीए को मिली है। सभी की डीपीआर तैयार कर ली गई है। शासन से पांच करोड़ रुपये मिल गए हैं। जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
पथिक निवास के 28 कक्षों की मरम्मत भी कराएगा जीडीए
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि राही पथिक निवास में 28 कक्षों की मरम्मत भी कराई जाएगी। लॉबी की मरम्मत होगी और पथिक निवास का सुंदरीकरण भी होगा। फूड प्लाजा कांप्लेक्स का भी विकास किया जाएगा। इसके साथ ही हिरण्यवती नदी के बुद्ध घाट पर पर्यटकों की सुविधा के लिए एक फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। सभी परियोजनाओं को विश्वबैंक के सहयोग से पूरा किया जाएगा।