गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर कालेसर से लेकर जगदीशपुर तक 37 किमी फोरलेन बन चुका है। वहीं कालेसर से जंगल कौड़िया तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 537 करोड़ रुपये की लागत से 17.66 किमी बाईपास का भी निर्माण कर चुका है। अब जंगल कौड़िया से लेकर जगदीशपुर तक करीब 26 किमी फोरलेन बनने के साथ ही शहर के चारों तरफ करीब 81 किमी लंबी रिंग रोड पूरी हो जाएगी।
गोरखपुर शहर के चारों ओर रिंग रोड का जाल बिछाने का काम अब जल्द पूरा हो जाएगा। इसे लेकर कवायद शुरू हो गई है। करीब 1300 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन के लिए भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) कार्यालय की तरफ से प्रभावित गांवों की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सड़क की जद में सिर्फ सदर तहसील के ही गांव आ रहे हैं।
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इसकी पूरी सूचना प्रकाशित करने के साथ ही एसएलओ ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए 21 दिन का समय दिया है। अधिग्रहण आदि की प्रक्रिया पूरी कर मार्च 2022 तक अवार्ड करने की तैयारी है जिसके बाद फोरलेन निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। ढाई साल में यह मार्ग तैयार कर लेने का एनएचएआई का लक्ष्य है।
गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर कालेसर से लेकर जगदीशपुर तक 37 किमी फोरलेन बन चुका है। वहीं कालेसर से जंगल कौड़िया तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 537 करोड़ रुपये की लागत से 17.66 किमी बाईपास का भी निर्माण कर चुका है। अब जंगल कौड़िया से लेकर जगदीशपुर तक करीब 26 किमी फोरलेन बनने के साथ ही शहर के चारों तरफ करीब 81 किमी लंबी रिंग रोड पूरी हो जाएगी।
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रिंग रोड के वजूद में आने के बाद बिहार, कोलकाता, लखनऊ से लेकर वाराणसी की तरफ आने और जाने वाली गाड़ियों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। रिंग रोड बनने से आईएसबीटी का सपना भी साकार होगा। विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए बसें आईएसबीटी के लिए प्रस्तावित स्थल कालेसर से ही मिलेंगी।
अर्धचंद्राकार होगी रिंग रोड, पिपराइच में आरओबी बनेगा
जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक बनने वाली रिंग रोड का आकार अर्धचंद्राकार होगा। कालेसर से जंगल कौड़िया तक पहले ही फोरलेन है। इसकी लंबाई करीब 17 किलोमीटर है। अब जंगल कौड़िया से आगे फोरलेन बनने से लगभग 43 किलोमीटर लंबी रिंग रोड जगदीशपुर तक हो जाएगी। पिपराइच में आरओबी बनेगा।
सदर तहसील के इन गांवों की जमीन की जाएगी अधिगृहीत
सदर तहसील के करीब 25 गांवों की 177.44 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की जाएगी। इनमें बैजनाथपुर, बालापार, बनगाई, बनकटिया खुर्द, बनकटी उर्फ इटहिया, बेलवारायपुर, बूढ़ाडीह, जंगल औराही, जंगल अहमद अलीशाह उर्फ तूरा, कैथवलिया, करमहा, कोनी, महमूदाबाद उर्फ मोगलपुरा, मठिया, मानीराम, मौलाखोर, नैयापार खुर्द, नरायनपुर दोयम, परसिया, रहमद नगर, रमवापुर, रसूलपुर, सरायगुलरिया, सिहोरिया, सोनराइच, जहदा आदि शामिल है।
एनएचएआई परियोजना प्रबंधक सीएम द्विवेदी ने बताया कि मार्च 2022 तक जमीन अधिग्रहण आदि की प्रक्रिया पूरी कर जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन का निर्माण कार्य शुरू कर देने का लक्ष्य है। ढाई साल में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। करीब 26 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन के निर्माण पर करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस फोरलेन के बन जाने के बाद गोरखपुर शहर के चारों तरफ रिंग रोड पूरी हो जाएगी।