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बच्ची की निर्मम हत्या: पुलिस को शक, संपत्ति व रिश्तों में कड़वाहट बनी मासूम की हत्या की वजह

Tue, 08 Aug 2023 03:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

साइकोलॉजिस्ट डॉ. आकृति पांडेय ने कहा कि जब किसी का किसी से व्यक्तिगत लगाव हो जाता है तो उसके अंदर हैपी हार्माेंस ज्यादा डिस्चार्ज होते हैं। ऐसी स्थिति दो से तीन महीने तक रहने पर शख्स कोई भी घटना कारित कर सकता है। उसे सिर्फ वही सही लगता है, जो वह करता है।
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चिलुआताल में बच्ची की हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में चिलुआताल इलाके के परमेश्वरपुर गांव में मासूम रोशनी की हत्या के मामले में पुलिस का शक संपत्ति विवाद और दोस्त से संबंधों में खटास पर गहरा गया है। इस गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा भी कई बिंदु हैं जिस पर पुलिस की पड़ताल आगे बढ़ रही है।

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अभी तक जांच में जितने भी तथ्य और सबूत पुलिस के मिले हैं, वे करीबियों के इर्द-गिर्द ही इशारा कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की मां गर्भवती है। यह बात भी पुलिस को खटकी रही हैं क्योंकि कहा जा रहा है कि मनीता का पति से तीन साल से संबंध ठीक नहीं है।

जांच में यह भी पता चला है कि मनीता अपने एक पुरुष मित्र के घर पर कुछ महीने रह चुकी है। लेकिन बच्ची की वजह से ही उसे पुरुष मित्र ने हटा दिया और वह बेंगलुरु चला गया। जानकारी के मुताबिक, मंगरू का सिक्टौर में मकान था, लेकिन महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के पास निर्माण होने पर उसे मुआवजा मिला और उसका घर ध्वस्त करा दिया गया।
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मुआवजे की रकम से ही मनीता के भाई ज्ञानेंद्र ने परमेश्वरपुर में मकान बनवा लिया, जिसमें बहन भी रहने लगी। मनीता के अलावा उसकी पांच बहनें अपने घर रहती हैं। आठ मार्च से परिवार वाले वहीं पर रह रहे हैं। इसे लेकर भी घर में विवाद है।

घर में विवाद होने पर मनीता अपने एक पुरुष मित्र के घर चली गई थी। लेकिन वहां पर रोशनी की वजह से ही उसे वापस भेज दिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में यही दो मजबूत वजह सामने आई हैं, जिसके इर्द-गिर्द पुलिस की जांच चल रही है। पुलिस एक-एक पहलू पर गहनता से जांच कर रही है। गांव व आसपास के लोगों से भी पुलिस ने पूछताछ की है। संबंधित का बयान दर्ज कर घटना की एक-एक कड़ी पुलिस जोड़ रही है।

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जाने का रास्ता नहीं फिर भी शव तक पहुंच गए

चिलुआताल में बच्ची की हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
शनिवार को लापता मासूम रोशनी की लाश सात फीट ऊंची बाउंड्रीवाल के भीतर थी। वहां तक जाने का रास्ता नहीं था, फिर भी परिजनों को लोकेशन की सटीक जानकारी हो गई थी। एसएसपी जब पहुंचे तो वह भी बहुत बारीकी से सीढ़ी की मदद से बाउंड्रीवाल के अंदर झांक पाए। अब इस बिंदु पर पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस पहले साक्ष्य जुटा रही है, फिर आगे पूछताछ करने की तैयारी में है।

बेसुध हो जा रही थी मौसी, मां भी गुमसुम
बच्ची के लापता होने की सूचना पर रविवार को रिश्तेदार भी परमेश्वर पहुंच गए थे। शव मिलने के बाद मौसी बेसुध हो जा रही थीं। मां भी काफी गुमसुम सी है। पुलिस के हर सवाल का उसने जवाब भी दिया और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।

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अपहरण के एक दिन बाद की गई तीन मासूम की हत्या

मृतक बच्ची रोशनी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
मासूम की हत्या, अपहरण करने के तत्काल बाद नहीं की गई है। पोस्टमार्टम में पता चला है कि शव मिलने के 10 से 12 घंटे पहले मौत हुई है। यानी रविवार की रात में मासूम बच्ची को मौत के घाट उतारा गया है। अब एक दिन बच्ची कहां थी, उसके साथ क्या हुआ, जैसे सवालों का जवाब आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस घटना वाले रात भी जब खोजी कुत्ते को लेकर गई थी तो वह भटककर घर के आसपास ही घूम रहा था।

जानकारी के मुताबिक, मासूम रोशनी की मां ने शनिवार की रात में दो बजे के करीब बिस्तर से गायब पाया था। इसके बाद ही उसने पहले खुद तलाश की थी और फिर पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने भी जांच की, लेकिन कुछ सुराग नहीं लग सका। पुलिस की जांच के बाद ही मासूम की हत्या हो गई और सोमवार को उसका शव भी घर से कुछ दूरी पर बरामद हो गया। शव बरामद होने के बाद पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझा रही है।

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एक नजर में घटनाक्रम
  • पांच अगस्त की रात दो बजे मां मनीता को बच्ची के लापता होने की जानकारी हुई।
  • रात में तीन बजे तक गांव में तलाश करने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
  • भोर में करीब पांच बजे एसपी नार्थ डॉग स्क्वॉयड के साथ गांव में पहुंच गए।
  • छह अगस्त को पुलिस ने मां की तहरीर पर अज्ञात पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया।
  • छह अगस्त को गांव में पुलिस पहुंची, गीडा पुलिस ने पति दूधनाथ से भी पूछताछ की।
  • सात अगस्त की सुबह बच्ची के शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली।
  • आठ बजे के करीब एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी नार्थ मनोज अवस्थी मौके पर पहुंच गए।
  • दस बजे के करीब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

 
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पहले भी हुई हैं मासूम की हत्या

चिलुआताल में बच्ची की हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
  • अगस्त 2022: बांसगांव के बहोरवा में आठ वर्षीय लक्ष्य का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। उसका शव घर के पीछे झाड़ी में मिला था। तंत्र-मंत्र में अपनों पर हत्या का शक था। लेकिन खुलासा आज तक नहीं हो सका।
  • अगस्त 2021: पिपराइच के मटिहनिया गांव का पांच वर्षीय मासूम गजेंद्र निषाद घर से लापता हो गया था। बाद में उसकी हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। तंत्र-मंत्र में हत्या की बात सामने आई थी। पुलिस ने तांत्रिक संतोष निषाद को जेल भेजा था।
  • जुलाई 2021: बांसगांव के विशुनपुर में ब्रह्मनंद विश्वकर्मा के बेटे सात वर्षीय आलोक का अपहरण कर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। उसका भी शव झाड़ी में मिला था।
  • 26 जुलाई 2020: पिपराइच के मिश्रौलिया गांव निवासी महाजन गुप्ता का 14 वर्षीय बेटा बलराम गुप्ता का अपहरण किया गया। 10 लाख फिरौती मांगी गई बाद में पकड़े जाने के डर से उसके शव को बोरे में भरकर उसके घर के पास ही फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्याकांड में 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश किया। मामले के तीन आरोपितों पर रासुका भी लगाया गया।
  • अक्तूबर 2018: सिकरीगंज के बारी गांव के जयप्रकाश के बेटे सातवीं के छात्र 12 वर्षीय आदर्श का अपहरण कर हत्या कर दिया गया था। उसके शव को धान के खेत में फेंका गया था। पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोप में मुकेश और गौतम को गिरफ्तार किया था।
  • जून 2022: सिकरीगंज में एक बच्चे के कटा हुआ शव मिला था, जिसका खुलासा आज तक नहीं हुआ।

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एक्सपर्ट कमेंट
साइकोलॉजिस्ट डॉ. आकृति पांडेय ने कहा कि जब किसी का किसी से व्यक्तिगत लगाव हो जाता है तो उसके अंदर हैपी हार्माेंस ज्यादा डिस्चार्ज होते हैं। ऐसी स्थिति दो से तीन महीने तक रहने पर शख्स कोई भी घटना कारित कर सकता है। उसे सिर्फ वही सही लगता है, जो वह करता है। ऐसी अवस्था में हत्या तक के कदम इंसान उठा सकते हैं। जिस तरह की घटना सामने आई है, उसमें बहुत हद तक संभव है कि कोई बेहद करीबी ही शामिल हो।


 
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