पूर्वांचल में इन्फ्लुएंजा के कई स्ट्रेन करीब 10 साल से मौजूद हैं। हालांकि, इसमें से अधिकांश मौसमी हैं, जिनके प्रति लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो चुकी है। फिर भी अगर कहीं इस तरह के मामले सामने आएं तो आरएमआरसी ने उसकी जांच की तैयारी कर ली है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी ऑक्सीजन प्लांट, बेड, दवाओं आदि की जानकारी अपडेट कर ली है। अभी तक चीन में फैली बीमारी के कारण व लक्षण को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई है। फिर भी एहतियात के तौर पर पूरे मामले पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नजर है।
गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल में साल भर किसी न किसी वायरस के चलते सर्दी, बुखार, जुकाम आदि के मामले सामने आते रहते हैं। इन्फ्लुएंजा के अलग-अलग स्ट्रेन यहां करीब 10 साल से वातावरण में मौजूद हैं। बीते अगस्त में शहर में इन्फ्लुएंजा का एक मामला सामने आया था, जिसमें परिवार के कई सदस्य पीड़ित थे। इलाज के बाद सभी स्वस्थ हो गए थे।
अब चीनी में फैली बीमारी के बाद केंद्र सरकार व डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार के निर्देश के क्रम में तीन दिन पहले जिले के 10 ऑक्सीजन प्लांटों की जांच हुई थी। इसमें से कैंपियरगंज स्थित प्लांट का टैंक ही लीक है, जबकि सहजनवां में बिजली आपूर्ति की दिक्कत है। अन्य जगहों पर प्लांटों की स्थिति ठीक बताई गई है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि अभी देश में ही इस बीमारी के कोई केस नहीं मिले हैं, लेकिन हर जगह पहले से ही एहतियात बरती जा रही है। जिले में भी सभी ऑक्सीजन प्लांटों को सक्रिय रखने और बेड व दवाओं आदि की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी सीएचसी-पीएचसी व अन्य निजी चिकित्सकों को ऐसा कोई संदिग्ध मामला सामने आने पर तुंरत सूचना देने का निर्देश दिया गया है।
निमोनिया के मामले में सावधानी बरतने के निर्देश
सर्दियों में अपने इलाके में निमोनिया के केस बढ़ जाते हैं। इस वक्त मौसम में तेजी से उतार चढ़ाव और दिन व रात के तापमान में करीब दोगुने का अंतर निमोनिया का केस बढ़ाता है। केंद्र सरकार ने किसी इलाके में अचानक निमोनिया के मामले बढ़ने पर तत्काल सूचना मांगी है। फिलहाल अभी जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के अलावा निजी अस्पतालों में भी स्थिति सामान्य है। लेकिन सर्दियां बढ़ने पर केस बढ़ना भी स्वाभाविक है। इसलिए डॉक्टर लोगों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सजगता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि इन्फ्लुएंजा के मामले पहले भी आते रहे हैं। चीन में फैली बीमारी को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। अपने क्षेत्र में निमोनिया के केस मौसम के चलते बढ़ते हैं। लोग थोड़ी सी सावधानी रखें तो बच्चों को बीमार होने से बचा सकते हैं। बड़े लोग इस बात का ध्यान रखें कि वायरल इंफेक्शन खांसने, छींकने से निकलने वाली बूंदों से फैलता है, इसलिए मास्क पहनें, जिससे कि बच्चे संक्रमण की चपेट में न आएं। इसके अलावा सर्दी से बचाने के लिए बच्चों को हर वक्त पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
प्रभारी सीएमओ डॉ. एके चौधरी ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांटों व अन्य मौजूद संसाधनों की जांच कराई गई है। अभी कहीं से कोई केस मिलने या इससे संबंधित कोई अन्य जानकारी नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग की पूरे मामले पर नजर है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर कोई ऐसी स्थिति आती है तो बचाव व उपचार के सभी साधन मौजूद हैं।
गोरखपुर आरएमआरसी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय ने कहा कि चीन में फैली बीमारी के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। अभी यही बताया जा रहा है कि सांस के जो मरीज आ रहे हैं, उनमें इन्फ्लुएंजा के अलावा कोविड जैसे लक्षण भी हैं। इस बीमारी में भी फेफड़े में इंफेक्शन आदि की दिक्कत हो रही है। डब्ल्यूएचओ ने पूरे मामले की जानकारी मांगी है। बीमारी के कारणों व प्रभाव पर नजर रखी जा रही है। अगर ऐसा कोई केस सामने आता है तो तत्काल जांच कराई जाएगी।