इस पदार्थ पर आईआईटी चेन्नई व जापान के क्यूशू इंस्टीट्यूट में परीक्षण हुआ था। इन इंस्टीट्यूट से जुड़े विशेषज्ञों ने ही इसे विश्व का सबसे चमकीला पदार्थ बताया है। पदार्थ के चमक क्षमता की बात की जाए तो 91.9 प्रतिशत है, जबकि अब तक जितने भी ऐसे चमकीले पदार्थ बने हैं उनकी क्षमता 80 फीसदी है।
इफ्फत अमीन ने दुर्लभ तत्व लैंथेनाइड सीरियम जैसे कई मिश्रण से कुल 48 कांप्लेक्स बनाए। इफ्फत को शुरुआत के दो साल सिर्फ दुर्लभ तत्व इकट्ठा करने व संश्लेषण के बाद उसके प्रयोगों को समझने में ही लग गए। इन तत्वों को इकट्ठा करने के बाद, उनकी अलग-अलग ल्युमिनिसेंस चमक की क्षमता जांच की गई।
आमजनों को होगा फायदा
इस पदार्थ की मदद से एक से दो वाट के करंट से तेज रोशनी देने वाली ऑर्गेनिक एलईडी बल्ब का निर्माण हो सकेगा। एमआरआई के भी परिणाम अच्छे होंगे। रडार कम ऊर्जा में काम करेगा।