इसके अलावा दलालों पर अंकुश के लिए अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी खोलने और सीसीटीवी कैमरा लगवाने आदि का निर्णय भी लिया गया था। लेकिन ये सारे काम अभी भी पेंडिंग हैं। सबसे खराब हालत क्षेत्रीय निदान केंद्र स्थित पैथाेलॉजी की है।
मंगलवार को दोपहर 12 बजे पैथाेलॉजी के बाहर इक्का-दुक्का मरीज ही नजर आए। खून की जांच कराने पहुंचे झरना टोला के रमेश ने बताया कि यह कहकर लौटा दिया गया कि ब्लड सैंपल 11:30 बजे के बाद नहीं लिया जाएगा। रमेश को कर्मचारी ने वहां चस्पा नोटिस भी दिखाया।
रक्त जांच की तरह ही अल्ट्रासाउंड, एक्सरे व सीटी स्कैन के लिए भी आपको लंबा इंतजार करना होगा। सुबह आठ बजे आकर नंबर लगाइए तब जाकर कहीं दोपहर एक बजे तक आपकी जांच हो पाएगी। 12 बजे के बाद अगर जांच का पर्चा लेकर पहुंचे तो आपके साथ ऐसा व्यवहार होगा, जैसे कि आप ने सरकारी अस्पताल आकर गलती कर दी हो। मंगलवार को पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने आए पीपीगंज के ब्रजेश ने बताया कि सोमवार को करीब एक बज गए थे, जिसके चलते जांच नहीं हो पाई। इसलिए आज सुबह नौ बजे फिर जांच के लिए आना पड़ा।
जिला अस्पताल के प्रशासनिक अफसर डॉ. प्रशांत अस्थाना ने कहा कि जांच में मनमानी की कुछ शिकायतें मिली हैं, जिस पर संबंधित कर्मचारियों से बात की गई। पहले भी निर्देश दिया जा चुका है कि दोपहर डेढ़ बजे तक सैंपल लिए जाने हैं। दोबारा निर्देश जारी किए जाएंगे।