कुछ पार्षद मंच पर भी चढ़ गए। भारी दबाव के बीच मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने सभी वार्डों में 10-10 स्ट्रीट लाइटें दिवाली तक लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी पार्षद शांत हुए।
बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र, चीफ इंजीनियर संजय चौहान, लेखाधिकारी रवि सिंह, उप सभापति धर्मदेव चौहान, पूर्व उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा, पार्षद गोली सिंह, रणंजय सिंह जुगून, ब्रजेश सिंह, श्रवण पटेल, शिवेंद्र मिश्रा, आनंद साहनी आदि मौजूद रहे।
सफाई और पैचिंग कार्य पर बहस गरमाई
बैठक में साफ-सफाई और सड़कों की पैचिंग का मुद्दा भी छाया रहा। इसको लेकर बहस खूब गरमाई। पार्षदों ने कहा-जिस रास्ते से मेयर घर आते-जाते हैं, उस पर भी कई जगह गड्ढे हैं। वार्डों में सफाई व्यवस्था भी सुदृढ़ नहीं हो पा रही है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार से अभियान चलाकर सभी सड़कों के गड्ढे भरे जाने का आश्वासन दिया। सपा पार्षद दल के नेता अशोक यादव ने बताया कि वार्ड में हर कमियों को दूर करने का मेयर और नगर आयुक्त ने पार्षदों को आश्वस्त किया है।
वार्ड 51 के पार्षद शिवेंद्र मिश्रा ने कहा-दशहरा में स्ट्रीट लाइट के अभाव में वार्ड में अंधेरा था। लोगों से वायदा किया था, लेकिन पूरा नहीं होने से आहत हूं। अगर धनतेरस तक लाइट नहीं लगी तो उसके बाद दिवाली तक नगर निगम में धरना दूंगा। उनकी बात का समर्थन करते हुए छोटे काजीपुर वार्ड के पार्षद दिलशाद अहमद ने भी कहा कि वार्ड में इंस्पेक्टर आते नहीं है। चार जगहों पर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। अगर समय से मांगे नहीं पूरी की गईं तो धरना प्रदर्शन करेंगे। पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी और अभिषेक शर्मा ने भी स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट की खराबी पर नाराजगी जताई।
बैठक में पथ प्रकाश के मुद्दे पर बहस इस कदर गरमाई कि पार्षद पिंटू गौड़ ने मेयर को पूर्व पीएम जैसा बता दिया। कहा-क्यों मेयर साहब, आप भी पूर्व प्रधानमंत्री जैसे हो गए हैं। उनकी इस बात का सपा और भाजपा के पार्षदों ने समर्थन भी किया। कहा-हमारी मांगों पर कुछ तो बोलिए।
नगर आयुक्त ने सभी से त्योहार में सहयोग की अपील की। बैठक में सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने सभी पार्षदों से एक दीया अपने साथ लाकर दिवाली मनाने का प्रस्ताव रखा। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि इसे लेकर शासन से भी निर्देश आया है कि जल दिवाली मनाई जाए। तय हुआ कि नौ नवंबर को शाम 6 बजे नगर निगम के पोखरे के पास इसका आयोजन होगा।
मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि पार्षदों में कोई नाराजगी नहीं थी। सभी परिवार के सदस्य की तरह हैं। उनका अधिकार है अपनी बात सामने रखने का। पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए एक टीम बनाई जाएगी।