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गोरखपुर: बीआरडी को प्रशासन उपलब्ध कराएगा ब्लैक फंगस की दवा, जिला अस्पताल और एम्स में भी आ रहीं संक्रमण की शिकायतें

Fri, 21 May 2021 01:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर प्रशासन ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराएगा। ऐसे मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पोस्ट कोविड ओपीडी की शुरुआत 20 मई से हो चुकी है। गुरुवार को पहले दिन संक्रमण से उबर चुके दो मरीज ब्लैक फंगस की शिकायत लेकर पहुंचे थे। दोनों मरीजों के नमूने जांच के लिए कॉलेज प्रशासन ने ले लिए हैं। बीमारी की पुष्टि होने के बाद मेडिकल कॉलेज को प्रशासन की ओर से दवा उपलब्ध कराई जाएगी। जानकारी के मुताबिक जिले में कोविड संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस के मरीजों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तक 30 के आसपास मरीज मिल चुके हैं जबकि चार मरीजों की मौत भी हो चुकी है। यही वजह है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने ब्लैक फंगस के मामले को देखते हुए पोस्ट कोविड ओपीडी की शुरुआत की है। पोस्ट कोविड ओपीडी में आने वाले मरीजों में जो भी ब्लैक फंगस के मरीज होंगे, उनका इलाज कॉलेज के डॉक्टरों की टीम करेगी। इलाज में लगने वाले इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन प्रशासन उपलब्ध कराएगा। इसके लिए बीआरडी के डॉक्टरों का पर्चा मरीजों के लिए अनिवार्य होगा। इसके बाद कमिश्नर की देखरेख में कॉलेज प्रशासन दवा को उपलब्ध कराएगा।
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गोरखपुर जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल और एम्स में भी आ रहीं शिकायतें
जिला अस्पताल में बने पोस्ट कोविड ओपीडी में प्रतिदिन पांच से छह लोग ब्लैक फंगस की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें ऐसे मरीज हैं, जिन्हें इस बात का डर है कि उन्हें ठीक से दिखाई नहीं दे रहा है। उनकी इस शंका का समाधान डॉक्टर तो कर दे रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में जांच की सुविधा न होने की वजह से ऐसे लोग निजी अस्पतालों की ओर भी रूख कर रहे हैं। यही वजह है कि अब तक 30 से अधिक ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज मिल चुके हैं। यही हाल एम्स की टेलीमेडिसिन पोस्ट कोविड ओपीडी का भी है। यहां भी लोग ब्लैक फंगस को लेकर तमाम तरह के सवाल कर रहे हैं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी में एक महिला की हो चुकी है मौत
ब्लैक फंगस के दो मरीजों की मौत के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एक महिला की मौत भी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि महिला को ब्लैक फंगस के लक्षण थे। उसे एम्फोटेरिसिन का एक डोज दिया भी जा चुका था। लेकिन संक्रमण अधिक होने की वजह से महिला की जान बचाई न जा सकी। महिला एक बड़े परिवार की थी।
 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन खुद बांटेगा दवा
ब्लैक फंगस के इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन की कालाबाजारी न हो सके, इसके लिए प्रशासन खुद ही इंजेक्शन बांटेगा। बीआरडी में मरीजों का इलाज किया जाएगा। वहां के डॉक्टर दवा की पर्ची देंगे इसके बाद इंजेक्शन मरीज या फिर उनके तीमारदार को उपलब्ध कराया जाएगा। रेमडेसिविर इंजेक्शन की तरह ब्लैक फंगस के इंजेक्शन को बांटने की योजना प्रशासन ने तैयार की है।
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भालोटिया। - फोटो : अमर उजाला।
भालोटिया में नहीं आई है अभी दवा
भालोटिया मार्केट में अभी ब्लैक फंगस का इंजेक्शन नहीं आया है जबकि कई दवा व्यापारियों ने इसके लिए ऑर्डर दे रखे हैं। बताया जा रहा है कि यह दवाएं अगर भालोटिया में आ भी जाती है तो इन्हें प्रशासन खुद बंटवाएगा।
 
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बीआरडी के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान। - फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज बीआरडी के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पोस्ट कोविड ओपीडी शुरू की चुकी है। पहले दिन ब्लैक फंगस की शिकायत लेकर दो मरीज आए थे। उनका नमूना जांच के लिए भेजा गया है। अगर ब्लैक फंगस के लक्षण मिलते हैं तो प्रशासन के माध्यम से दवा बीआरडी को उपलब्ध कराई जाएगी। अभी बीआरडी को कोई दवा नहीं मिली है। 
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