उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में वैक्सीन की दो डोज के साथ ही सतर्कता, संतुलित खानपान की मदद से पुलिस वाले कोरोना को मात दे रहे हैं। इन पुलिस वालों से कोरोना से कैसे बचा जाए, यह सीख ली जानी चाहिए। फ्रंट लाइन होने के नाते कोरोना कर्फ्यू व लॉकडाउन का पालन कराने के साथ ही कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए यह सड़कों पर होते हैं। जिन कोरोना मरीजों के पास लोग जाने से डरते है, उनतक यह जाकर मदद पहुंचा रहे हैं। लेकिन सतर्कता के दम पर खुद को भी वे बचा रहे हैं। यही वजह है जिले में पांच हजार से ज्यादा फोर्स होने के बावजूद महज 67 पुलिस वाले ही संक्रमित हुए और किसी को भी अस्पताल जाने की नौबत नहीं आई। अब तक 50 ठीक भी हो चुके हैं।
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बांसगांव इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
बरतते हैं सतर्कता
बांसगांव इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लॉकडाउन और कानून व्यवस्था का पालन कराना ही होता है। कोई भी सूचना आए तो जांच में जाना होता है। वैक्सीनेशन का फायदा हुआ। साथ ही सैनिटाइजर, मास्क और उचित दूरी का पालन किया जा रहा है। खानपान संतुलित कर नियमित रूप से योग करके स्वस्थ रहा जा सकता है। बदमाश को पकड़ने के दौरान भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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फर्टिलाइजर चौकी इंचार्ज आशीष सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन
फर्टिलाइजर चौकी इंचार्ज आशीष सिंह ने बताया कि वैक्सीन की वजह से सुरक्षा कवच मिला है। साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जा रहा है। उचित दूरी के साथ चेकिंग की जाती है। बदमाशों को पकड़ने से लेकर उन्हें जेल भेजने तक में सावधानी बरती जाती है। इसके साथ ही सैनिटाइजर, मास्क का सही इस्तेमाल किया जा रहा है। फरियादियों से बातचीत के दौरान भी सतर्कता बरती जा रही।
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हरनही चौकी इंचार्ज मनीष यादव
- फोटो : अमर उजाला।
वैक्सीन बनी मददगार
हरनही चौकी इंचार्ज मनीष यादव ने बताया कि सड़क पर कानून व्यवस्था का पालन कराना होता है। साथ ही बदमाशों को भी पकड़ना है। ऐसे में वैक्सीन बहुत मददगार साबित हुई है। इसके साथ ही हाथों में ग्लव्स, मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर बचाव किया जा रहा है। बदमाश को पकड़ने के दौरान ग्लव्स हाथों में जरूर होता है।
मास्क है जरूरी
चौकी इंचार्ज जटेपुर इत्यानंद पांडेय ने बताया कि चेकिंग के दौरान मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हैं। बाहर का खानपान पूरी तरह से बंद है। चाय की जगह काढ़ा का इस्तेमाल करते है। प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए योग और खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चेकिंग के दौरान भी मास्क और ग्लव्स के साथ उचित दूरी बनाकर काम किया जा रहा है।