गोरखपुर में अतिक्रमण के साथ ही जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुके गोड़धोइया नाला, पर्यटन के लिहाज से गोमती रिवर फ्रंट की तरह विकसित किया जाएगा। डीएम विजय किरन आंनद ने इसका प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर कुलदीप मीणा को दी गई है। इसे सुंदर बनाने के लिए विश्व बैंक से भी आर्थिक मदद ली जाएगी।
डीएम का मानना है कि शहर के मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से कई मोहल्लों से होकर गुजरने वाले इस नाले के निर्माण एवं सुंदरीकरण से शहर के विकास को नया आयाम मिलेगा। कई मोहल्लों को जलभराव की समस्या से भी निजात मिलेगी। विकास भवन सभागार में शहर के विकास एवं मोबिलिटी प्लान को लेकर हुई बैठक में डीएम ने इस प्रस्ताव पर काम करने का निर्देश दिया। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है। गठित समिति को इसका एस्टीमेट जल्द तैयार करने के लिए कहा गया। समिति की ओर से जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि एस्टीमेट लगभग तैयार है।
चौराहों के सुंदरीकरण, चौड़ीकरण के कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश
डीएम ने चौराहों के सुंदरीकरण, चौड़ीकरण के कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। शहर में पार्किंग एवं सड़कों के विकास के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना बनाकर कार्य करने को कहा। साथ ही जिले में पर्यटन के विकास के लिए सभी ऐतिहासिक स्थलों, पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी एकत्रित करने के लिए संबंधित लोगों से बात करने की सलाह दी। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) परियोजना के बारे में चर्चा करते हुए डीएम ने कहा कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए और पुलिस विभाग के साथ सामंजस्य भी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनपद में औद्योगिक विकास लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाएगा। दीर्घ कालीन कार्ययोजना से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह, नगर आयुक्त अविनाश सिंह आदि मौजूद रहे।