मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता व मानसी अस्पताल के बाहर मौजूद एसआईटी।
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गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस से घायल कारोबारी मनीष गुप्ता को पुलिस फलमंडी के पास स्थित मानसी नर्सिंग होम में लेकर गई थी। अस्पताल में जांच के दौरान मनीष का न तो पल्स मिल रहा था और न ब्लड प्रेशर महसूस किया जा रहा था। नर्सिंग होम संचालक डॉ. पंकज दीक्षित ने इसकी पुष्टि की है। कानपुर एसआईटी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर का बयान दर्ज किया है।
डॉक्टर पंकज दीक्षित का कहना है कि घटना वाली रात करीब 12:36 से एक बजे के बीच पुलिस एक घायल को लेकर पहुंची थी। पुलिस ने कहा था कि चेकिंग के दौरान एक युवक घायल हो गया है। इसकी मरहम-पट्टी कर दीजिए। रात में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने चेकअप किया था। रिसेप्शन के पास चेकअप हुआ तो युवक का बीपी (ब्लड शर) और पल्स नहीं मिल रहा था। डॉक्टर ने बताया कि ऐसे में तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी गई।
डॉक्टर कहना है कि घायल के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसके शरीर से काफी खून निकल चुका था। शायद इसी वजह से पल्स और बीपी नहीं मिल रहा था। उन्होंने बताया कि गाड़ी से उतारकर रिसेप्शन तक लाने और ले जाने में जो समय लगा उतने ही देर घायल की अस्पताल में मौजूदगी रही। सीसीटीवी कैमरे से भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। महज दस मिनट ही पुलिस अस्पताल में मौजूद थी।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस मनीष को लेकर मेडिकल कॉलेज रात 2:05 बजे क्यों पहुंची? इतना समय कहां लग गया? इन सवालों का जवाब भी एसआईटी खंगाल रही है। मानसी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज की दूरी महज 11 किलोमीटर है। रात में यह दूरी 10 से 15 मिनट में तय की जा सकती है।