जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह 20 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत होंगे। उन्हें यह पुरस्कार अलीगढ़ नगर निगम का नगर आयुक्त रहते हुए शहर को कचरा मुक्त (गार्बेज फ्री सिटी) बनाने के लिए दिया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन शहरी की ओर से जनवरी 2021 में पूरे देश में कचरा मुक्त शहर का सर्वे कराया गया था। उसका परिणाम अब आया है। सर्वे में जो पांच शहर सबसे साफ पाए गए उनमें पहले पायदान पर नोएडा, दूसरे पर गाजियाबाद, तीसरे पर अलीगढ़, चौथे पर लखनऊ और पांचवें स्थान पर झांसी है। सर्वे के समय प्रेम रंजन सिंह अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी थे। इस उपलब्धि पर गुरुवार को जिले के साथ ही प्रदेश के कई अन्य जिलों में तैनात अफसरों ने जीडीए उपाध्यक्ष को बधाई दी।
ये प्रयास रंग लाए
प्रेम रंजन सिंह के अनुसार, अलीगढ़ में नगर आयुक्त रहते हुए उन्होंने जगह-जगह बनाए गए कूड़ा घर को बंद कर दिया था और डोर-टू डोर कूड़ा एकत्र करने पर जोर दिया। कूड़ा एकत्र करने के बाद उसे प्रोसेसिंग सेंटर लाया जाता था। वहां कूड़ा कंप्रेस कर बड़े कूड़ा केंद्रों तक पहुंचाया जाता था। कूड़े से जैविक खाद भी बनाई जाती है।
केंद्र सरकार की ओर से पहले भी पुरस्कार पा चुके हैं प्रेम रंजन
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह पहले भी केंद्र सरकार की ओर से पुरस्कृत हो चुके हैं। उन्नाव के मुख्य विकास अधिकारी रहते हुए 2019 में उन्हें मनरेगा में रिकार्ड कार्यदिवस सृजित करने एवं एक साल में सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूर्ण कराने के लिए पुरस्कृत किया गया था।