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रामगढ़ताल: नौकायन को चमकाने के लिए आगे आया जीडीए, शुरू हुआ ये खास अभियान

Thu, 28 Oct 2021 10:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

अभी तक नौकायन की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम के पास थी। मगर कुछ दिनों से निगम के सफाई कर्मचारी वहां आ ही नहीं रहे थे। जिसके बाद प्राधिकरण ने वहां की सफाई की कमान अपने हाथों में लेने का फैसला किया।
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रामगढ़ताल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर शहर की पहचान बन चुके रामगढ़ताल स्थित नौकायन को चमकाने के लिए जीडीए आगे आया है। यहां नियमित सफाई कराने के मसले पर नगर निगम ने अपने हाथ खड़े कर दिए थे। ऐसे में जीडीए ने मोर्चा संभाला और सफाई का काम कराने के लिए 12 कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी। बुधवार से नौकायन के पास साफ-सफाई का काम शुरू हो चुका है। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने अभियान चलाकर तीन दिन के भीतर पूरे परिसर को साफ करने और फिर नियमित इसे जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
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अभी तक नौकायन की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम के पास थी। मगर कुछ दिनों से निगम के सफाई कर्मचारी वहां आ ही नहीं रहे थे। कई दिनों से कूड़ा नहीं उठने की वजह से बदबू उठने लगी थी। जिसके बाद प्राधिकरण ने वहां की सफाई की कमान अपने हाथों में लेने का फैसला किया। अब प्राधिकरण ही नियमित सफाई कराएगा और अगली बोर्ड बैठक में सहमति के लिए इसका प्रस्ताव रखा जाएगा।

दरअसल रामगढ़ताल क्षेत्र के सुंदरीकरण को लेकर करीब एक महीने पहले हुई विभिन्न विभागों की बैठक में यह तय हुआ था कि नौकायन पर प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाएगा। इससे होने वाली आय से सफाई की जिम्मेदारी किसी फर्म को दे दी जाएगी। यह व्यवस्था बनने तक सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई थी। निगम के अधिकारियों ने इसपर सहमति भी जताई। कुछ दिनों तक सफाई हुई और बाद में सफाई कर्मियों ने आना ही बंद कर दिया।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि नौकायन पर रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग आते हैं। ऐसे में वहां की नियमित साफ-सफाई जरूरी थी। जीडीए अब वहां खुद अपने सफाई कर्मियों से सफाई करवाएगा। इसकी नियमित व्यवस्था बनाई जा रही है। 
 
39 करोड़ रुपये बढ़ गई जीडीए की आय
मानचित्र और नामांतरण के मामले तत्काल निस्तारित करने जैसे बड़े बदलावों की वजह से जीडीए की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान शासन के अधिकारियों ने इसके लिए जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह की प्रशंसा भी की। अप्रैल से लेकर सितंबर 2020 तक जहां जीडीए की आय 69.36 करोड़ रुपये थी वहीं इसी समय प्राधिकरण ने 39 करोड़ रुपये अधिक यानी 108.39 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। इस दौरान प्राधिकरण की कोई नई योजना भी नहीं लांच की गई थी। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण में लोगों के काम तेजी से किए जा रहे हैं। जो आय हो रही है, उससे शहर का विकास किया जा रहा है।
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