गोरखपुर में विद्युत मजदूर संगठन व पंचायत की ओर से आउटसोर्सिंग ऑपरेटरों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को उन्होंने चार महीने के बकाए भुगतान के संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान तकनीकी कर्मचारियों के भी कार्य बहिष्कार की वजह से शहर व ग्रामीण के 66 बिलिंग काउंटर बंद रहे। इससे बिजली निगम के दफ्तरों में आए ग्राहकों को परेशान होना पड़ा।
ऑपरेटरों ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक निजी फर्म का अनुबंध जुलाई में समाप्त हो गया था। इसके बाद जुलाई में अन्य फर्म के साथ अनुबंध हो गया और समायोजन कर उन्हीं कर्मचारियों को तैनाती भी दे दी गई। लेकिन जुलाई से ही मानदेय रोक दिया गया है। तीन दिन पहले एक माह के मानदेय का भुगतान किया गया है, बाकी के बारे में अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं। दीपावली भी आने वाली है। ऐसे में उम्मीद थी कि एक साथ तीन महीने का मानदेय मिलेगा तो कुछ राहत होेगी।
क्षेत्रीय अध्यक्ष संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि जबतक ऑपरेटरों के बकाए का भुगतान नहीं होगा, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उपभोक्ता सेवा में खलल पड़ने की दशा में जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता की होगी। उन्होंने कहा कि राजस्व काउंटर पर काम कर रहे निविदा ऑपरेटरों का भारी पैमाने पर शोषण किया जा रहा है जो बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
मीडिया मंडल प्रभारी अरुण कुमार गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस दौरान शहबाद, संजीव, विकास चंद्र यादव, शैलेश, विष्णु गोस्वामी, टीपू सुल्तान, राजेश यादव, धर्मवीर, गणेश यादव, पंकज चौधरी, धर्मवीर सैनी, आर्यन, वकील गौड़, अरूण पाल समेत अन्य मौजूद रहे।
कुछ जगहों पर दोपहर बाद खुल गए काउंटर
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन से शहरी क्षेत्र में 32 बिलिंग काउंटर बंद रहे। मंगलवार दोपहर दो बजे के बाद कुछ कर्मचारी वापस काम पर आए। इसके बाद कुछ काउंटर खुले जिसपर लोगों के बिजली बिल जमा हुए।