प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर होने से अलग-अलग वैक्सीन लगवाने वालों की दूर हुई चिंता
परसा (सिद्धार्थनगर)। कोरोना से बचाव के लिए बढ़नी के औदही कला में अलग-अलग कंपनियों के दो डोज के मामले में आईसीएमआर की जांच रिपोर्ट में 20 लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य की अपेक्षा बेहतर पाई गई है। इसकी जानकारी होने पर वैक्सीन लगवा चुके लोगों की चिंता दूर हो गई।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की गोरखपुर यूनिट की पांच सदस्यीय टीम ने बीते 14 मई को अलग-अलग कंपनियों के दोनों डोज लगवाने वाले 20 लोगों के ब्लड का सैंपल लिया था। सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग कंपनियों के दोनों डोज लगवाने से नुकसान न होकर फायदा होने की बात से औदही कलां के 17 लोगों की स्वास्थ्य के प्रति फिक्र समाप्त हो गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव अमित मोहन प्रसाद ने आईसीएमआर के डीजी को पत्र भेजकर गत 14 मई को औदही कलां में स्वास्थ्य कर्मियों के लापरवाही का शिकार हुए सभी 20 लोगों की समुचित जांच करने के लिए कहा था।
इसके बाद चार जून को आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर गौरव द्विवेदी के नेतृत्व में डिप्टी सीएमओ डॉ. एके आजाद की मौजूदगी में काकटेल के शिकार हुए औदही कलां के 17, झिंगहा के दो और मानपुर के एक व्यक्ति से मुलाकात की थी और सभी का ब्लड सैंपल भी लिया।
जांच रिपोर्ट में रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य लोगों से बेहतर होने की जानकारी होने पर गोपाल गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, राम किशोर, राधेश्याम शुक्ल ने बताया कि वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अब अपने स्वास्थ्य के प्रति चिंता भी समाप्त हो गई है। औदही कला के सहाबुद्दीन ने कहा कि जब हमें अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन लगने की बात पता चली तो डर गए थे, लेकिन अब हम चिंता मुक्त हो गए हैं। सभी ने स्वास्थ्य विभाग से सेहत की निगरानी कम से कम एक वर्ष तक करने की अपेेक्षा की है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि दो अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन लगाए जाने के मामले में हुई रिसर्च के बारे में कोई रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं आई है।