डॉ. तेज प्रताप शाही। (फाइल फोटो)
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एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी सिविल लाइंस और सहारा इस्टेट परिसर के प्रबंधक डॉ. तेज प्रताप शाही (60) का रविवार को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया। वह पहले से कोरोना संक्रमित थे। रविवार को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया।
शिक्षाविद के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया है। सीएम ने कहा कि डॉ. तेज प्रताप शाही (बच्चा बाबू) के निधन से समाज व शिक्षा को बड़ा नुकसान हुआ है। वह गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ के सच्चे भक्त थे।
एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी के प्रबंधक डॉ. तेज प्रताप शाही की पहचान शिक्षाविद के तौर पर थी। वह डीवीएन पीजी कॉलेज में शिक्षक रहे। इसी बीच उन्होंने पब्लिक स्कूल की नींव रख दी। बीते शुक्रवार को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो कोरोना जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बाद उन्हें एसजीपीआई में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक, कोविड वार्ड में भर्ती स्कूल प्रबंधक को रविवार को दो बार हार्ट अटैक हुआ और उनका निधन हो गया। डॉ. तेज प्रताप शाही के दो बेटे हैं। बड़े बेटे की शादी तय कर दी थी, लेकिन शादी देखना नसीब नहीं हुआ। तीन भाई भी हैं।
डॉ शाही का गोरक्षपीठ से गहरा लगाव था। वह गोरक्षपीठ ट्रस्ट के सदस्य भी थे। शिक्षाविद के निधन पर स्कूल एसोसिएशन ऑफ गोरखपुर के अध्यक्ष अजय शाही और मंत्री हेमंत मिश्र सहित अन्य सदस्यों ने दुख जताया है।