निजी संस्थानों में करानी पड़ रही है जांच
सोमवार को अपने भाई को इलाज के लिए लेकर आए गगहा क्षेत्र के रबीश सिंह ने बताया कि डॉक्टर ने सिटी स्कैन के लिए लिखा। वहां गए तो पता लगा कि अभी मशीन खराब है। इसके बाद प्राइवेट में जांच कराई। जांच रिपोर्ट मिलने में वक्त लग गया, तब तक अस्पताल बंद हो चुका था।
इसके चलते निजी डाॅक्टर को दिखाकर घर लौटे। बिछिया के सुरेश प्रसाद ने बताया कि दो दिन पहले पत्नी को जांच के लिए लेकर गए थे। वहां सिटी स्कैन के खराब होने की वजह से जांच नहीं हो सकी, तब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जाकर दिखाए।
इसे भी पढ़ें: स्लीपर कोच में जनरल जैसी हालत: गोरखधाम एक्सप्रेस में सीट के लिए भिड़े यात्री...आरपीएफ को छूटा पसीना
निजी केंद्रों पर बढ़ गई है मरीजों की संख्या
जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का फायदा अगल-बगल खुले प्राइवेट जांच केंद्रों को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीज जिला अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने पर निजी अस्पतालों में जाकर अपनी जांच व इलाज करा रहे हैं। मजबूरी में जिला अस्पताल से मरीज बेतियाहाता और गोलघर के गांधी गली स्थित केंद्रों तक पहुंच रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: दिन में गर्मी से परेशान, शाम को सर्द हवाओं ने किया हैरान
जिला अस्पताल एसआईसी डॉ. राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि ऑप्टीकल फाइबर केबिल खराब होने के चलते सिटी स्कैन मशीन से जांच नहीं हो पा रही है। इसकी मरम्मत के लिए संबंधित नोडल एजेंसी को सूचना दी गई है। केबिल बदलकर एक से दो दिन में मशीन चालू करा दी जाएगी।