- एफ चिशिति (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)- 1967-1968
- दीप नारायण मणि (भारतीय क्रांति दल) 1969-1974
- दीप नारायण मणि (भारतीय क्रांति दल) 1974-1977
- कृष्णा राय (जनता पार्टी) 1977-1980
- रुद्र प्रताप सिंह (जनता पार्टी सेक्युलर) 1980-1985
- फजले मसूद (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)- 1985-1989
- राम छबीला मिश्रा (जनता दल) 1989-1991
- रविंद्र प्रताप मल्ल (भाजपा)- 1991-1992
- रविंद्र प्रताप मल्ल (भाजपा) 1992-1995
- सुभाष चंद्र श्रीवास्तव (जनता दल) 1996-2002
- दीनानाथ कुशवाहा (नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी) 2002-2007
- दीनानाथ कुशवाहा (सपा) 2007-2012
- जन्मेजय सिंह (भाजपा) 2012-2017
- जन्मेजय सिंह (भाजपा) 2017-2020
क्या है परिसीमन
परिसीमन आयोग को भारतीय सीमा आयोग भी कहा जाता है। परिसीमन से तात्पर्य किसी भी राज्य की लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं (राजनीतिक) का रेखांकन है। अर्थात इसके माध्यम से लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की हदें तय की जाती हैं।
संविधान के अनुच्छेद 82 के मुताबिक, सरकार हर 10 साल बाद परिसीमन आयोग का गठन कर सकती है। इसके तहत जनसंख्या के आधार पर विभिन्न विधानसभा व लोकसभा क्षेत्रों का निर्धारण होता है। जनसंख्या के हिसाब से अनुसूचित जाति-जनजाति सीटों की संख्या बदल जाती है।