करीब दो साल पहले गोरखपुर जेल में हुए बवाल का मुख्य आरोपी कोईल यादव उर्फ दयाशंकर फिर यहां आ गया है। अदालत के आदेश पर उसे बुलंदशहर जेल से यहां लाया गया है। उसके पुराने इतिहास को देखते हुए जेल प्रशासन भी सतर्क है।
वर्ष 2019 में गोरखपुर की जेल में बड़ा बवाल हुआ था। कैदियों ने डिप्टी जेलर व पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया था। जेल परिसर में खड़ी गाड़ी में आग लगा दी गई थी। इस मामले में तब 271 बंदियों के खिलाफ जेल प्रशासन ने शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराया था। जेल प्रशासन ने बड़ी मुश्किल से हालात को संभाला था।
मामले की जांच में यह बात सामने आई कि कोईल यादव उर्फ दयाशंकर के उकसाने पर ही बंदियों ने एकजुट होकर डिप्टी जेलर एवं बंदी रक्षकों पर हमला किया था। इसके बाद प्रशासन ने कोइल यादव को बुलंदशहर जेल स्थानांतरित कर दिया था। वहीं से पेशी पर गोरखपुर न्यायालय आता-जाता था। कोईल पर विभिन्न आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
गोरखपुर न्यायालय ने उसे पुन: जिला जेल गोरखपुर में रखने के लिए निर्देशित किया है। कोईल के वापस आने के बाद जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। आशंका है कि कोईल के आने से गुटबाजी फिर बढ़ेगी।