खुद के अपहरण की साजिश रचने वाला रतन शर्मा।
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कुशीनगर जिले के खड्डा थाना क्षेत्र के बंजारीपट्टी से गायब युवक के अपहरण की झूठी कहानी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सर्विलांस टीम ने उसके नंबर के जरिए पता लगाकर उसे कप्तानगंज के निकट पकड़ लिया। इस दरम्यान पुलिस घंटों परेशान रही। पूछताछ में उसने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए अपने अपहरण की साजिश रची थी।
जानकारी के अनुसार, खड्डा पुलिस को रविवार की शाम को बंजारीपट्टी गांव के निवासी अभिमन्यु शर्मा ने सूचना दी थी कि उसके भाई रतन शर्मा का अपहरण हो गया है। उसके मोबाइल से 40 हजार रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। इसकी सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। सीओ खड्डा शिवाजी सिंह के नेतृत्व में खड्डा के एसआई पीके सिंह, एसओ हनुमानगंज पंकज गुप्ता की टीम ने एसपी को सूचना देकर खोजबीन शुरू कर दी थी। इसमें एसओजी व सर्विलांस टीम को भी शामिल किया गया। कप्तानगंज थाने के एसओ संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने रविवार की देर रात कप्तानगंज के पास रतन शर्मा को पकड़ लिया।
पूछताछ में रतन शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसके ऊपर 40 हजार रुपये कर्ज था। कर्ज देने वाले लोग अपनी रकम मांग रहे थे। उसने सोमवार को ही रकम देने का वादा किया था। पैसै का कोई व्यवस्था नहीं हो पाया तो अपने अपहरण का नाटक किया। उसने अलग- अलग लोगों से दिल्ली में अपने भाई को अपहरण की सूचना भिजवाई थी। अपने खाते में 40 हजार रुपये डालने को कहा था।
रतन ने बताया कि वह बिहार के वाल्मीकि नगर रोड स्टेशन चला गया। वहां से ही पैसा मांगने लगा। इसके बाद पैसेंजर ट्रेन से कप्तानगंज स्टेशन के पहले खुशहाल नगर हाल्ट पर उतर गया। वहां से पुलिस ने पकड़ लिया गया।
एसआई पीके सिंह ने बताया की रतन शर्मा ने कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। कप्तानगंज से रतन को पकड़ लिया गया है। पहले उसने इधर-उधर की कहानी बताई। बाद में हकीकत बता दिया। उसे कागजी कार्रवाई पूरा करके परिजनो को सौंप दिया गया।