कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या की जांच करने सीबीआई गोरखपुर आ गई है। गुरुवार की देर शाम सीबीआई रामगढ़ताल थाने गई और मामले में दर्ज केस से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। सीबीआई जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसी का नतीजा है कि पहले नोटिस जारी करके रामगढ़ताल पुलिस को हर तरह का सहयोग करने की हिदायत दी गई। अब सीबीआई जांच से जुड़ी हर कड़ी की तलाश करेगी, फिर रिपोर्ट देगी।
मामले की जांच के लिए सीबीआई की चार सदस्यीय टीम आई है। सर्किट हाउस में रुकी सीबीआई टीम में एक डिप्टी एसपी एक इंस्पेक्टर समेत अन्य दो लोग हैं। टीम ने रामगढ़ताल इंस्पेक्टर से एक गाइड की मांग की है, जो घटनास्थल और अन्य जगहों पर ले जाने में मदद कर सके। थाने पर दो घंटे तक टीम रही। शुक्रवार यानी आज होटल सहित अन्य जगहों पर जाकर सीबीआई जांच कर सकती है। इससे पहले टीम ने रामगढ़ताल पुलिस को नोटिस भेजकर प्रकरण से जुड़ी प्राथमिक जानकारी व जांच में सहयोग की बात कही थी।
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता (36) बीते 27 सितंबर को अपने दो दोस्तों गुरुग्राम के हरवीर सिंह और प्रदीप कुमार के साथ गोरखपुर घूमने आए थे। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में तीनों मित्र रुके थे। रात में पुलिस जांच के लिए होटल पहुंची थी। आरोप है कि जांच के दौरान पुलिस की पिटाई से मनीष की मौत हो गई। पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर इस मामले में रामगढ़ताल थाने के इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा व विजय यादव समेत छह लोगों पर केस दर्ज हुआ था।
शासन ने सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए एसआईटी जांच की सिफारिश की थी लेकिन मनीष की पत्नी मीनाक्षी एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं थी। मीनाक्षी ने मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की थी। सीबीआई ने पिछले दिनों लखनऊ में इस प्रकरण में केस दर्ज किया था। इसके बाद कानपुर जाकर मीनाक्षी से मिलकर घटना से संबंधित तथ्य जुटाना शुरू किया था। बीच में दीपावली व छठ पर्व के चलते सीबीआई की गतिविधि शांत पड़ी थी। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को सीबीआई ने रामगढ़ताल पुलिस को नोटिस भेजकर इस प्रकरण की जांच में जरूरी सहयोग की अपेक्षा की। इसके अलावा पुलिस के अन्य वरिष्ठ अफसरों से भी प्रकरण की जानकारी ली गई है।