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गोरखपुर: काजल हत्याकांड का आरोपी हरीश गिरफ्तार, एक लाख का था इनामी

Thu, 02 Sep 2021 07:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

 बीट पुलिसिंग, ऑपरेशन तमंचा, ऑपरेशन दस्तक पर काम ना करने पर थानेदार को हटाने का आदेश, सीओ पर भी होगी कार्रवाई।
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गोरखपुर: बाएं काजल का हत्यारोपी गिरफ्तार, दाएं मृतक काजल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में गगहा के जगदीशपुर भलुआन गांव में 20 अगस्त को काजल की गोली मारकर हत्या में शामिल आरोपी हरीश को पुलिस ने गुरुवार को जगदीशपुर भलुआन निर्माणाधीन अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। हरीश बांसगांव में अपने अधिवक्ता से कोर्ट में हाजिर होने के लिए मिलने आया था। इसी बीच पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक लाख रुपये के इनामी हरीश को दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से एक तमंचा, एक कारतूस, 2550 रुपये बरामद हुए हैं। हरीश हाशिम पुरा, थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर का निवासी है।

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घटना में अवैध असलहे का इस्तेमाल होने की वजह से एडीजी ने इस प्रकरण की जोन कार्यालय से जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में पता चला है कि बीट पुलिसिंग गगहा में प्रभावी नहीं थी। ना ही ऑपरेशन तमंचा, ऑपरेशन दस्तक के तहत ही काम किया गया था। इसके तहत काम किया गया होता तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। लापरवाही उजागर होने पर एडीजी अखिल कुमार ने एसएसपी को पत्र लिखकर थानेदार को हटाने का आदेश दिया है। साथ ही सीओ बांसगांव से स्पष्टीकरण लेकर उनके द्वारा इन मामलों की समीक्षा नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
 
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने गुरुवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि पिता राजू नयन सिंह की पिटाई होती देख काजल घटना का वीडियो बना रही थी। इस दौरान उसे गोली मार दी गई थी। लखनऊ में इलाज के दौरान काजल की मौत हो गई थी। केस दर्ज कर पुलिस जांच में लगी थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी हरीश अधिवक्ता से उनवल या बांसगांव में किसी स्थान पर मिलने आ रहा है।
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यह भी पता चला कि आरोपी वहीं पर रुकेगा भी। इस सूचना पर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। कुसमौल पुलिया तक छानबीन की गई। आगे रास्ता बंद था फिर उनवल की ओर टीम गई। इसी दौरान टेकवार तिराहे के पास अंबेडकर मूर्ति के पास एक संदिग्ध बैठा दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस के पास हरीश का फोटो था जिससे मिलान करने पर उसकी पहचान हो गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने घटना का कारित करना कबूल कर लिया।

 

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आरोपी हरीश ने पुलिस को यह बताया

पूछताछ में आरोपी हरीश ने बताया कि 20 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे वह, विजय प्रजापति और एक अन्य साथी जिसका नाम वह नहीं जानता, विजय उसे चाचा कहता है, साथ निकले थे। सभी राजू नयन सिंह के घर पर गए जहां पर दरवाजा खुलवाने के बाद उनकी पिटाई शुरू कर दी। पिता की पिटाई होने पर काजल उसका वीडियो बनाने लगी। विजय ने वीडियो बनाने से मना किया, जब नहीं मानी तो विजय प्रजापति ने अपने पास रखे तमंचे से गोली मार दी और हाथ से मोबाइल छीन लिया। गोली मारने के बाद सभी अलग-अलग निकले।

अंडरपास के पास तमंचे को मैंने प्लास्टिक में लपेटकर जमीन में दबा दिया था। फिर सहारनपुर चला गया। वहां से हरिद्वार, उत्तराखंड चेन स्नेचिंग के पुराने मामले में हाजिर होने गया था। वहां पर करोना टेस्ट भी करा लिया था लेकिन इसी बीच पता चला कि पुलिस उसे इनामी बनाकर खोज रही है। इस वजह से गोरखपुर अधिवक्ता के पास चला आया। इसके पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया।

विजय के साथ पांडेय ढाबा के पास लूट भी की थी
हरीश ने पूछताछ में बताया कि दो अगस्त को पांडेय ढाबा के पास विजय प्रजापति के साथ बैग लूट की घटना को भी अंजाम दिया था। जनसेवा केंद्र संचालक से 48 हजार 700 रुपये, एक लैपटॉप मिला था। रुपयों में से 22 हजार हिस्सा मिला था। जिसमें से 2550 रुपये बचे थे। विजय प्रजापति के साथ वह कई वारदात कर चुका है। बांसगांव की पहले हुई लूट की घटना में हरीश शामिल था।

गोरखपुर, हरिद्वार समेत दर्ज हैं 13 मुकदमे
पकड़े गए हरीश पर गोरखपुर के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार में भी केस दर्ज है। उस पर अब तक 13 मुकदमे दर्ज हैं। बांसगांव में 2018 में लूट, 2019 में लूट, हत्या की कोशिश, 2018 में बेलीपार में लूट, तिवारीपुर में लूट, गोला में लूट, 2019 में गगहा में लूट, 2018 में गगहा में लूट, गगहा से गैंगस्टर, फिर 2021 में गगहा में लूट, गगहा में हत्या, आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, हरिद्वार के ज्वालापुर में लूट का केस दर्ज है।

एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में गगहा पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। बीट पुलिसिंग लागू नहीं की गई थी। ऑपरेशन तमंचा, ऑपरेशन दस्तक के तहत भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इस वजह से थानेदार को हटाने का निर्देश एसएसपी को दिया गया है। इसके साथ ही सीओ बांसगांव से स्पष्टीकरण मांगकर उन पर दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
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