गोरखपुर जिले में हत्या करके जिस युवती की लाश झंगहा इलाके के अमहिया गांव में फेंकी गई थी, वह उसी गांव की रहने वाली डबली उर्फ ज्योति थी। युवती की पहचान के बाद पुलिस ने हत्या में शामिल चचेरे भाई चंदन सिंह और उसके दोस्त मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में चंदन ने बताया कि परिवार की बदनामी से आक्रोशित होकर उसने बहन को मौत के घाट उतार दिया।
आरोपी के मुताबिक पति की मौत के बाद डबली मायके में रह रही थी, उसके घर पर कई लोगों का आना-जाना था। 24 घंटे के भीतर घटना का पर्दाफाश कर पुलिस ने आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी के मुताबिक, सोमवार सुबह अमहिया में तरकुलहा रोड पर ट्यूबवेल के पास अज्ञात युवती की लाश मिली थी। पुलिस की छानबीन में मालूम हुआ कि वह अमहिया खास की रहने वाली डबली है। उसकी शादी 15 साल पूर्व राजेंद्र नगर मोहल्ले में हुई थी। आठ माह पूर्व डबली के पति ने खुदकुशी कर ली। इसके बाद वह मायके चली आई।
उसके दोनों बच्चे बाबा और दादी के पास ही हैं। डबली की देखभाल भी उसका चचेरा भाई चंदन सिंह करता था। तीन जुलाई को चंदन शराब पीने भट्टी पर गया था। तभी किसी ने चंदन सिंह पर तंज कसते हुए डबली के बारे में अपशब्द कह दिया। इसके बाद क्रोध से बौखलाए चंदन ने हत्या की साजिश रच ली। उसी रात घर जाकर उसने दोस्त के साथ मिलकर डंडे से मारकर डबली की हत्या कर दी थी।
तीन जुलाई को ही की थी हत्या, बदबू आने पर फेंका
चंदन ने तीन जुलाई को हत्या करने के बाद शव को घर में ही छिपाकर रख दिया था। जब शव से बदबू आने लगी, तब उसने दोस्त की मदद से शव को ठिकाने लगाने को सोचा। सोमवार की भोर में अपने दोस्त मनोज की मदद से शव को सड़क किनारे ले जाकर फेंक दिया। बहन की हत्या में पकड़ा गया चंदन सिंह पहले भी जेल जा चुका है।
वर्ष 2007 में जंगल गौरी नंबर एक में अंडे को लेकर हुए विवाद में चंदन ने झंगहा थाना के सामने गोली चलाई थी। इस मामले में वह जेल गया था। एसओ संजय कुमार मिश्रा, मोतीराम अड्डा चौकी प्रभारी सूरज सिंह, एसआई आनंद कुमार, कांस्टेबल उदय कुमार यादव, हेड कांस्टेबल बृजमोहन सिंह कांस्टेबल अशोक कुमार और ऋषि रमण उपाध्याय की टीम को एसएसपी ने शाबाशी दी है।
डबली की हरकत से परेशान पति ने की थी खुदकुशी
एसपी नार्थ के मुताबिक, डबली की शादी राजेंद्रनगर के में हुई थी। पति ने भी डबली की हरकतों से परेशान होकर ही खुदकुशी कर ली थी। उसके दो बच्चे भी है जो दादा, दादी के पास रहते हैं। इसके बाद मायके में आने के बाद भी डबली के व्यवहार में अंतर नहीं आया और फिर उसके चचेरे भाई ने उसकी हरकतों से परेशान होकर हत्या कर दी। भाई को इसका कोई पछतावा भी नहीं है।