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यूपी: डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को मृत्यु दंड की सजा, एडीजी के 'ऑपरेशन शिकंजा' अभियान का सामने आया असर

Mon, 16 Aug 2021 06:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

एडीजी दफ्तर के मुताबिक, 22 जून को घर से डेढ़ साल की मासूम बच्ची को प्राथमिक विद्यालय में ले जाकर दुष्कर्म किया। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई है। बाद में बच्ची की मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 22 जून को डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म और फिर उसकी मौत के मामले में सोमवार को न्यायालय ने आरोपी परशुराम (30) को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। एडीजी अखिल कुमार ने जोन के बहराइच जिले में हुई इस घटना की पैरवी का आदेश दिया था।

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ऑपरेशन शिकंजा के तहत मिली इस कामयाबी की जानकारी होने पर एडीजी ने शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया था। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने पुलिस टीम और अभियोजन अधिकारी की सराहना करते हुए एक लाख रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र देने घोषण की है। एडीजी की ओर से भी इन्हें प्रशंसा पत्र दिया जाएगा।

एडीजी दफ्तर के मुताबिक, 22 जून को घर से डेढ़ साल की मासूम बच्ची को प्राथमिक विद्यालय में ले जाकर दुष्कर्म किया। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई है। बाद में बच्ची की मौत हो गई। विवेचना के दौरान विवेचक द्वारा साक्ष्यों का संकलन कर व वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित कर डीएनए परीक्षण के लिए प्रदर्शों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजकर एक जुलाई को दाखिल कराया गया।

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विवेचक द्वारा संपूर्ण विवेचनात्मक कार्रवाई कर अभियोग पंजीकरण की तिथि से 28 दिवस में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। पैरवी कर 37 दिवस में ही डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हो गया। दो अगस्त को अपर सत्र न्यायाधीश रेप एवं पॉक्सो एक्ट प्रथम में अभियोग का विचारण शुरू हुआ। शासकीय अधिवक्ता पॉक्सो कोर्ट संत प्रताप सिंह द्वारा की गई सकरात्मक पैरवी से 12 अगस्त को दोष सिद्ध हो गया और आठ कार्य दिवस में ही कार्रवाई कर पूरा कर आरोपी को सोमवार को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई है।

एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि ऑपरेशन शिकंजा की एक शानदार शुरुआत है। प्रदेश में संभवत यह पहला मामला होगा जब पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी कर इतने कम समय में न्यायालय द्वारा आरोपी को सजा दिलाई गई हो। इस काम में लगी पुलिस टीम को एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने तथा मुकदमे के पर्यवेक्षण, अभियोजन से जुड़े समस्त अभियोजन अधिकारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों को प्रशंसा पत्र दिए जाने की घोषण गई है। इसके लिए मेरे द्वारा रिपोर्ट भेजी गई थी।

 
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