शिकायती पत्र में रमाशंकर राय नाम के नीचे एक मोबाइल नंबर दिया है। इस नंबर पर अमर उजाला की तरफ से फोन कर आरोप के बारे में जानकारी ली। दूसरी तरफ से खुद को अनुज कुमार बताया। बताया, इस नाम को लेकर बार-बार फोन आ रहा है। मैं, जौनपुर का मूल निवासी हूं और बंगलूरू में काम करता हूं। इस नाम के न मेरे कोई रिश्तेदार हैं या न इस नाम को पहले सुना हूं। मेरा नंबर लिखकर शिकायत करना, ये गलत बात है।
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ग्रामीण अधीक्षण अभियंता रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि आरोप किसी ने मुझसे द्वेष में आकर किया है। इस नाम का न कोई उपभोक्ता पूरे खंड में है और न ही कभी मुलाकात हुई है। फोन नंबर भी गलत दर्ज किया है। शिकायत सही है तो पता और खुद का परिचय तो सही होता। अगर मैनें रुपये लिए हैं तो इसी नाम के उपभोक्ता से लिए होंगे। जब नाम सही लिखा तो अपना नंबर गलत क्यों दर्ज किया।