सीलिंग की जमीन को अपना बताने वाले कोनी गांव के ग्रामीणों के समर्थन में आए भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। नगर निगम परिसर में धरने पर बैठे तो पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला देते हुए हटा दिया।
इसके बाद जुलूस की शक्ल में डीएम दफ्तर पहुंचे। वहां पर मौजूद मजिस्ट्रेट ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन लेकर मामले को शांत कराया। कोनी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि खतौनी में लंबे समय से उनका नाम भी दर्ज है, यहीं नहीं चकबंदी में भी नामांतरण बंदोबस्त भी दर्ज है, फिर भी इसे सीलिंग की जमीन घोषित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, कोनी में सीलिंग की जमीन को अभिलेख में पीएसी महिला बटालियन के लिए आवंटित कर दिया गया है।