कुलपति ने कहा कि महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोधपीठ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए पीठ के अंदर जितनी भी रिक्तियां हैं, उन्हें तीन महीने के अंदर पूरा किया जाएगा। शोधपीठ को लेकर जो रूपरेखा तैयार की गई है। उसके अंतर्गत नाथ पंथ के साहित्य संकलन का एक अलग पटल शोधपीठ में तैयार किया जाएगा। जहां नाथ पंथ में अंग्रेजी, स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, बंगाली, उड़िया, नेपाली, कन्नड, गुजराती, महाराष्ट्र, राजस्थानी, पंजाबी भाषाओं के एक्सपर्ट को जोड़ा जाएगा।
नाथपंथ पर डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स भी
कुलपति ने कहा कि नाथपंथ के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्नातकोत्तर स्तर पर एमए भूगोल में छह महीने के डिप्लोमा की नाथपंथ, एमए दर्शन शास्त्र में छह महीने सर्टिफिकेट कोर्स, एमए हिंदी और एमए योग में छह-छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स को लांच किया है।
महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ की ओर से छह फेलोशिप प्रदान की जाएगी। इसमें तीन पीएचडी स्कालर्स और तीन पीडीएफ प्रदान की जाएगी। छह फेलोशिप में से तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्यार्थियों के लिए होगी। इसका विस्तृत विवरण अधिष्ठाता छात्र कल्याण और शोधपीठ कार्यालय से हासिल किया जा सकता है। कुलपति ने कहा कि संगोष्ठी के तहत नाथपंथ पर अंग्रेजी में भी साहित्य को तैयार कराया जाएगा।
जर्मनी, यूएसए, स्पेन और मॉस्को से शामिल होंगे विद्वान
कुलपति ने कहा कि संगोष्ठी में स्पेन से योगी भगवाननाथ जी, मॉस्को से मत्स्येंद्रनाथ जी, चेक रिपब्लिक से योगी सतनाथ, ऑस्ट्रिया से योगी हालमननाथ जी, यूएसए से कपिलनाथ जी, पाकिस्तान से महंत शंकरनाथ जी, बांग्लादेश से डॉ. कुशल बी चक्रवर्ती, यूनिवर्सिटी ऑफ कंबोडिया हीक चियन गिखी, इजरायल से महंत योगी कृपा नाथ, जर्मनी के केआईटी से डॉ. वैदूर्य प्रताप शाही, उड़ीसा के केयरबनिक मठ से महंत शिवनाथ जी महाराज, बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय रोहतक के कुलाधिपति महंत बालक नाथ, श्रीआदि चुनचुनगिरी मठ कर्नाटक से जगदगुरू डॉ. निर्मलानंद जी महाराज, मंगलौर से श्रीश्री 1008 राज योगी राजा निर्मलनाथ जी महाराज के साथ साथ 15 से अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलाधिपति शामिल होंगे।
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यूजीसी चेयरमैन ने किया नाथपंथ पर पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से ‘नाथ पंथ के वैश्विक प्रदेय’ पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन दीक्षा भवन में मुख्य अतिथि यूजीसी चेयरमैन प्रो’ डीपी सिंह ने फीता काटकर किया।
शुक्रवार को कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने मुख्य अतिथि को प्रदर्शनी का अवलोकन कराया। वहीं तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी को देखने के बाद विद्यार्थियों के रचनाधर्मिता की सराहना की।
पोस्टर प्रदर्शनी में स्नेहा को प्रथम स्थान
नाथपंथ पर आयोजित पोस्टर प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष की छात्रा स्नेहा तिवारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सीआरडीपीजी में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा अंजली सिंह ने दूसरा और विवि के सुरेंद्र प्रजापति ने तीसरा स्थान हासिल किया है। इनके अलावा सांत्वना पुरस्कार सूरज चौहान, संदीप कुमार, यशी पांडेय, राजू गौतम, राजकुमार, शिवम शर्मा, तुषार सोनकर, निशा सिंह, अजय कुमार और मनीन्द्र साहनी का चयन हुआ है। विजेताओं को उद्घाटन समारोह में सीएम के द्वारा नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को 25 हजार, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को क्रमश: 15 हजार और 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।