सिटीजन चार्टर के तहत प्रशासनिक, विकास, कोविड एवं पेयजल आपूर्ति समेत कुछ सेवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। इन सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए सिर्फ समय तय का निर्धारण किया गया है। ये सेवाएं निम्न हैं।
ग्राम सभा बुलाने का अनुरोध-30 दिन, मनरेगा जॉब कार्ड-15 दिन , मनरेगा के तहत काम के लिए अनुरोध-15 दिन, मनरेगा के तहत लाभार्थियों को कार्य स्थल पर सुविधाएं -7 दिन, सरकारी विद्यालयों में जलापूर्ति, शौचालय एवं जल संचयन की व्यवस्था -30 दिन, सार्वजनिक स्थलों में स्वच्छता-30 दिन, कोविड किट्स -30 दिन, पेयजल पाइप लाइन मरम्मत -7 दिन, हैंडपम्प मरम्मत -7 दिन, नियमित जलापूर्ति में दिक्कत - 7 दिन, पानी की गुणवत्ता संबंधी मुददे-15 दिन, पशुओं के लिए पेयजल इंतजाम -15 दिन, नाली से पानी के ओवरफ्लो, सड़क पर नाली का पानी का भराव संबंधित मामले -3 दिन, सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव -7 दिन, अपशिष्ट निस्तारण के लिए कूड़ेदान -7 दिन, सरकारी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी में जलापूर्ति, पेयजल, पाइपलाइन एवं शौचालय संबंधी समस्या -7 दिन, सामुदायिक क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन -7 दिन, खराब स्ट्रीट लाइट-30 दिन, सामुदायिक संपत्ति जैसे कब्रिस्तान-श्मशान घाट का रखरखाव 30 दिन, खेल के मैदानों के रखरखाव 30 दिन, खुले जिम का रखरखाव 30 दिन, सार्वजनिक सम्पत्ति से अतिक्रमण हटाना -7 दिन, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण-30 दिन, गांव की आंतरिक गलियों का रखरखाव-30 दिन
जन कल्याण से जुड़ी सेवाओं के लिए भी नहीं खर्च करने पड़ेंगे रुपये
जन कल्याण से जुड़ी सेवाओं के लिए भी धन नहीं खर्च करना पड़ेगा। मसलन वरिष्ठ नागरिक, निराश्रित महिला पेंशन आवेदन-15 दिन, खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अनुमति-30 दिन, राशन कार्ड में नाम जोड़ना-15 से 30 दिन, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज अवंटन में नाम जोड़ने का आवेदन-15 दिन, मिड-डे-मील के लिए आवेदन-15 दिन, विद्यालय प्रवेश आवेदन-15 दिन, आंगनबाड़ी केंद्र पुष्टाहार कार्यक्रम संबंधी मुद्दे-7 दिन, टीकाकरण संबंधी मुद्दे-07 दिन, पशुओं की देखभाल संबंधी मुद्दे-7 दिन की अवधि में निस्तारित करने होंगे।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंचायतों में सिटीजन चार्टर लागू हो जाएगा। इसके लागू होने के बाद आमजन के लिए काफी सहूलियत बढ़ जाएंगी। साथ ही पंचायतें भी आत्मनिर्भर हो सकेंगी। ज्यादातर सेवाएं निशुल्क है तो कुछ के लिए शुल्क देना होगा। सभी सेवाओं को तय समय के भीतर उपलब्ध कराना होगा।