अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चार वर्षीय एक बच्चे को तीन घंटे तक सही इलाज नहीं मिला। बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था। इलाज में लापरपाही के चलते बच्चे को जब झटका आने लगा तो उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में बच्चे का इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत बेहतर बताई गई है।
सहजनवां क्षेत्र के ग्राम सिरुआपार निवासी रघुवंश पासवान के 4 वर्षीय पुत्र राजवीर को गांव में कुत्ते ने काट लिया था। बच्चे की मां मनोरमा देवी ने बताया कि गांव पर एंटी रैबीज का टीका लगवाया गया था। लेकिन बच्चे की तबीयत बिगड़ती जा रही थी। हम लोग बेहतर इलाज की उम्मीद में सुबह 11 बजे बच्चे को लेकर एम्स आए।
गेट पर आधा घंटे तक रोके रखा गया तथा कहा गया कि विभाग फुल हो गया है कल आइएगा। बाद में गोलू नामक व्यक्ति के सहयोग से बच्चे को बालरोग विभाग में दिखाया गया। लेकिन कोई इलाज नहीं मिला। इस बीच बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई तथा झटके आने लगे।
हालत बिगड़ता देख एम्स के डाक्टरों ने बच्चे को मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहकर रेफर कर दिया। परिजनों ने बच्चे को मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।
एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. शशांक शेखर ने बताया कि कोविड संक्रमण को देखते हुए मरीज को बेहतर चिकित्सा के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।