एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने चौराहों का निरीक्षण किया।
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गोरखपुर शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए गुरु गोरक्षनाथ की नगरी के चौराहों में बदलाव किया जाएगा। प्रयागराज की तर्ज पर यहां की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए शहर के चौराहों में आवश्यकता के अनुरूप बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर डीएम ने जीडीए को यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए चौराहों की रीमॉडलिंग का जिम्मा सौंपा है। डीएम विजय किरन आनंद ने इसकी कार्य योजना बनाने के लिए जीडीए को पंद्रह दिन का समय दिया है।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि प्रयागराज में कुंभ मेला के दौरान बेरोकटोक यातायात व्यवस्था के लिए चौराहों को रीमॉडल किया गया था। रीमॉडलिंग के कारण प्रयागराज में चौराहों पर जाम नहीं लगता है। उस मॉडल को गोरखपुर में भी अपनाया जाएगा। पहले चरण में गोलघर (गणेश चौराहा), विजय चौराहा, टाउनहॉल चौराहा, शास्त्री चौराहा, आंबेडकर चौराहा और असुरन चौराहा रीमॉडल किया जाएगा। चौराहों के स्ट्रक्चर में जरूरत के हिसाब से बदलाव किए जाएंगे। वाहन के प्रकार और आवागमन की प्रकृति के हिसाब से चौराहे का गोलंबर का आकार छोटा किया जाएगा तो कहीं पिलर पर गोलंबर बनाए जाएंगे।
सिग्नल भी होंगे दुरुस्त
सड़क पर जाम रोकने और वाहनों के आवागमन को रेगुलेट करने के लिए मार्ग पर लगाई गई सिग्नल लाइटें भी दुरुस्त की जाएंगी। तकनीकी टीम इसकी जांच करती रहेगी। सिग्नल में कहीं भी गड़बड़ी होगी तो उसे तुरंत ही सही किया जाएगा। इसके लिए संबंधित तकनीकी टीम को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हर 15 दिन पर रिपोर्ट भी देने की बात कही गई है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
पैदल यात्रियों के लिए जेब्रा लाइन होगी आरक्षित
जाम के वक्त पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पार करने में असुविधा होती है। ऐसे में जेब्रा लाइन का सख्ती से पालन कराएंगे। जो वाहन जेब्रा लाइन पर खड़े होंगे उनका ई-चालान कराया जाएगा। चालान में यह अंकित रहेगा उनका चालान जेब्रा लाइन पर खड़े होने की वजह से हुआ है। ऐसा एक दो-बार हो जाने से काफी हद तक सुधार आएगा। चालान प्रक्रिया शुरू कराने से पहले हर चौराहे पर लोगों को जेब्रा लाइन के पीछे ही रुकने के लिए जागरूक किया जाएगा। जागरूकता अभियान शुरू भी हो चुका है।