गोरखपुर में भी वायु प्रदूषण की पल-पल की जानकारी मिलनी शुरू हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर का पहला एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बोर्ड मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर की बाउंड्री पर लगा दिया है। शहर में तीन और जगहों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। एमएमएमयूटी के पास लगे एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बोर्ड से शहर की हवा में वायु प्रदूषण संबंधी मानकों पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 10, पीएम 2.5 समेत कुल 21 पैरामीटर संबंधी विवरण डिस्प्ले होना शुरू हो गया। अपने स्मार्ट फोन में समीर एप डाउनलोड कर कोई भी प्रदूषण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
शहर में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही हवा की गुणवत्ता काफी खराब होने लगी है। रिहायशी और औद्योगिक इलाके में वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए शहर में पहला एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बोर्ड लगा दिया गया है। हरेक 15 मिनट में वायु में प्रदूषण संबंधी विवरण उपलब्ध हो शुरू हो गया है। स्वान (स्वॉयल, वाटर, एयर, नॉएज) टेक्टिकल प्राइवेट लिमिटेड सिस्टम को संचालित कर रहा है। एमएमएमयूटी परिसर में कंट्रोलिंग सिस्टम लगा है। शहर में तीन और जगहों पर इसी तरह डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। डिस्प्ले बोर्ड लगाने के लिए नगर निगम से जगह की मांग की गई है।
इन पैरामीटर पर मिल रहा विवरण
ओजोन, बारिश, हवा की गति, दबाव, बेंजीन, आर्द्रता, टॉलिन, इथाइल बेंजीन, एमपी जाइलिन, ओ-जाइलिन, तापमान, सौर्य विकरण, हवा की दिशा, पीएम 2.5, पीएम 10, नाइट्रस ऑक्साइड, नाइट्रिक ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, अमोनिया, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड
स्वान टेक्निकल प्राइवेट लिमिटेड के सर्विस इंजीनियर धनंजय कुमार ने बताया कि गोरखपुर की वायु गुणवत्ता संबंधी विवरण मिलना शुरू हो गया है। एमएमएमयूटी परिसर की बाउंड्री पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की योजना के तहत एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बोर्ड लगाया गया है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि गोरखपुर में पहला एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बोर्ड एमएमएमयूटी परिसर के पास लगाया गया है। तीन और डिस्प्ले बोर्ड शहर में लगाए जाएंगे। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। गोलघर समेत अन्य तीन जगहों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाने के लिए नगर निगम से जगह की मांग की गई है।