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जमीन व बंगला नीलामी मामला: डीएम ने मांगी मामले की रिपोर्ट, तहसील प्रशासन बोला- हाईकोर्ट से ही राहत संभव

Wed, 13 Oct 2021 12:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

तहसील प्रशासन के मुताबिक चीनी मिल पर गन्ना किसानों के बकाए के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर ही मिल की संपत्ति कुर्क की गई थी। कार्रवाई चूंकि हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में चल रही है, लिहाजा यदि किसी को कोई आपत्ति है तो उसे कोर्ट में ही प्रार्थनापत्र देना होगा।
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वायुयोद्धा स्क्वाड्रन लीडर दलीप सिंह मजीठिया - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर दलीप सिंह मजीठिया की जमीन कुर्क कर नीलामी पर चढ़ा देने के मामले में डीएम विजय किरन आनंद ने चौरीचौरा तहसील प्रशासन से पूरी रिपोर्ट मांगी है। उधर, तहसील प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जल्द ही डीएम को सौंप दी जाएगी। वहीं, तहसील प्रशासन के मुताबिक चीनी मिल पर गन्ना किसानों के बकाए के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर ही मिल की संपत्ति कुर्क की गई थी। कार्रवाई चूंकि हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में चल रही है, लिहाजा यदि किसी को कोई आपत्ति है तो उसे कोर्ट में ही प्रार्थनापत्र देना होगा। हाईकोर्ट से ही राहत मिल सकती है। बता दें कि चीनी मिल की जमीन के साथ ही सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर दलीप सिंह मजीठिया की 3.79 एकड़ व्यक्तिगत जमीन भी जब्त कर ली गई है।  
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पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर के वारिस भी परेशान
सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर दलीप सिंह मजीठिया की ही तरह एक और मामला सामने आया है। सरैया चीनी मिल के पूर्व सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर स्व. गिरिजीत सिंह मजीठिया के वारिस अर्जुन सिंह का भी दावा है कि उनकी भी करीब सवा एकड़ व्यक्तिगत जमीन और मकान कुर्की वाली सूची में डाल दिया गया है। उन्होंने भी 2018 में तत्कालीन तहसीलदार चौरीचौरा को प्रार्थनापत्र देकर कुर्की वाली संपत्ति की सूची से बाहर करने की मांग की थी, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
 
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सरैया चीनी मिल की संपत्ति कुर्क करने और नीलामी की प्रक्रिया की गई है। सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर दलीप सिंह मजीठिया की व्यक्तिगत संपत्ति भी 2011 में कुर्क की गई चीनी मिल की संपत्ति की सूची में आने के मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। एसडीएम चौरीचौरा से जल्द जांच रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम अनुपम कुमार मिश्रा ने बताया कि डीएम ने मामले में रिपोर्ट मांगी है। एक से दो दिन में रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। सरैया चीनी मिल पर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के क्रम में हाईकोर्ट के आदेश पर 2011 में मिल की संपत्ति कुर्क की गई थी, जो अब नीलामी की प्रक्रिया में है। तत्कालीन अधिकारियों द्वारा अलग-अलग संबंधित विभागों से संपत्ति का आकलन कराया गया था। कोर्ट के आदेश पर पूरी कार्रवाई की गई है। ऐसे में यदि किसी की व्यक्तिगत संपत्ति कुर्क की गई संपत्ति में त्रुटिवश शामिल हो गई है तो वह हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर सही करा सकता है। मामला हाईकोर्ट में होने की वजह से तहसील प्रशासन इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
 
 आयकर के जीएसटी विशेषज्ञ विकास श्रीवास्तव ने बताया कि जब किसी उद्योग या कंपनी पर कोई बकाया होता और कंपनी बंद हो जाती है तो कोर्ट द्वारा लिक्विडेटर एपॉइन्ट किया जाता है। वह कंपनी की प्रॉपर्टी और उसके एसेट का वैल्यूएशन करते हैं। फिर जिस क्रम में देनदारी होती है प्राथमिकता निर्धारित की जाती है और उसका भुगतान किया जाता है। लेकिन किसी उद्योग के मामले में किसी की निजी संपत्ति या निजी जमीन को नीलाम नहीं किया जा सकता है।
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