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गोरखपुर चिड़ियाघर: निर्माण कंपनी के नाम से खाता खोल पांच करोड़ की जालसाजी, केस दर्ज

Sat, 24 Apr 2021 12:27 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

लखनऊ की एल्फेन इंजीनियरिंग की सीईओ समेत तीन नामजद सहित अज्ञात पर केस। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर रामगढ़ताल पुलिस ने की कार्रवाई, पुणे (महाराष्ट्र) की है कंपनी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर चिड़ियाघर की बाउंड्री, आडिटोरियम का निर्माण कार्य करने वाली महाराष्ट्र की कंपनी के साथ जालसाजी का मामला सामने आया है। कंपनी के जीएम ने सहयोगी फर्म के सीईओ, संचालक समेत चार लोगों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि सहयोगी फर्म के संचालक ने लखनऊ में फर्जी खाता खोलकर पांच करोड़ रुपये का भुगतान करा लिया। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर रामगढ़ताल पुलिस जांच कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के पुणे की एसएस कंट्रक्शन के जनरल मैनेजर रमेश भालचंद्र बोरनारकर ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने लिखा है कि उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को चिड़ियाघर की बाउंड्री, आडिटोरियम का निर्माण कार्य कराने का जिम्मा मिला, जिसका टेंडर एसएस कंट्रक्शन को मिला था। 
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कंपनी ने लखनऊ की एल्फेन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड से एग्रीमेंट करके निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंप दी। शर्त के अनुसार एल्फेन इंजीनियरिंग को निर्माण कार्य कराने के बाद बिल-वाउचर राजकीय निर्माण निगम के समक्ष प्रस्तुत करना था। जिसका भुगतान एसएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के खाते में होना था।

लेकिन एल्फेन इंजीनियरिंग कंपनी की पार्टनर रंजना सिंह ने लखनऊ के मोहीबल्लापुर स्थित विजया बैंक में एसएस कंस्ट्रशक्न कंपनी के नाम से खाता खोलकर वर्ष 2018 से 2019 के बीच अलग-अलग तारीख में 5.60 करोड़ रुपये का भुगतान करा लिया। 

सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एल्फेन इंजीनियरिंग कंपनी की सीइओ रंजना सिंह, पार्टनर लालबहादुर सिंह और दो अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ साजिश के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया है।
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